कानपुर। उर्सला अस्पताल में 93 दिन तक भर्ती रहने के बाद अखिलेश दुबे को बुधवार शाम वापस जेल भेज दिया गया। जेल प्रशासन के मुताबिक बीपी और शुगर की समस्या बढ़ने पर अखिलेश दुबे को छह अप्रैल 2026 को उर्सला अस्पताल में भर्ती कराया गया था। वहीं अखिलेश दुबे मुक्ति मोर्चा के सदस्यों ने इसे जेल से बाहर रहने की साजिश बताकर कई तरह आरोप लगाए थे। आरोप लगाए गए कि वह बीमार नहीं है और जबरदस्ती भर्ती हैं। इसके लिए जिलाधिकारी के निर्देश पर मई में कमेटी बनाई गई और जांच हुई। हालांकि डॉक्टरों ने जांच में बीपी, शुगर बढ़ा होने के साथ ही सेप्टीसीमिया पाया था। इलाज शुरू किया गया। डॉक्टरों की जांच में अखिलेश के दोनों घुटने भी खराब निकले थे। उसे घुटना प्रत्यारोपण की सलाह दी गई। उसके यूरीन में इंफेक्शन बताया गया और जब सब कुछ सामान्य हो गया तो मानसिक रोग की समस्या होने की बात कही गई। इस बीच चार जुलाई को अपर सत्र न्यायाधीश प्रथम ने उर्सला निदेशक को अखिलेश दुबे के इलाज से संबंधित सभी दस्तावेज उपलब्ध कराने के निर्देश दिए थे। उर्सला के डॉक्टरों ने अखिलेश को स्वस्थ बताया और डिस्चार्ज कर दिया। चिकित्सा अधीक्षक डॉ. शैलेंद्र तिवारी ने बताया कि अखिलेश दुबे की सेहत में कुछ सुधार हुआ, जिसके बाद उन्हें डिस्चार्ज कर दिया गया है। उनके घुटनों में समस्या उम्र के चलते हैं, इसका वह बाद में इलाज कराएंगे। इसलिए अभी उन्हें डिस्चार्ज किया गया है।