कानपुर में बिधनू थाना क्षेत्र के दुर्जनपुर गांव में पुलिस की यातनाओं के डर से हत्यारोपी के पिता रामशंकर मिश्र (70) ने सोमवार रात को फांसी लगा ली। पुलिस ने पोस्टमार्टम करवाने के बाद शव को परिजनों के सुपुर्द कर दिया। परिजनों ने पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए हैं।
दुर्जनपुर निवासी मंदिर के पुजारी रमाशंकर मिश्र का बेटा कुलदीप मिश्रा उर्फ पूती 28 अक्तूबर की रात अपनी दूसरी पत्नी सीमा सिंह (30) की हत्या कर शव गांव किनारे फेंककर भाग गया था। पुलिस ने जांच में कुलदीप को हत्यारोपी बनाया था।
आरोपी के फरार होने के चलते 30 अक्तूबर को पूछताछ के लिए उसके पिता व छोटे भाई जगदीप को थाने लाया गया। परिजनों का आरोप है कि थाने में रमाशंकर के सामने जगदीप को थर्ड डिग्री दी गई। पट्टे से पीटा और प्लास से नाखून निकाले।
पुलिस की यातनाओं को देखकर रमाशंकर दहशत में आ गए। ग्रामीणों के दबाव बनाने पर पुलिस ने एक नवंबर को रमाशंकर को छोड़ दिया। परिजनों का आरोप है कि पुलिस के डर से सोमवार रात रमाशंकर ने घर के बाहर पेड़ पर रस्सी से फांसी लगा ली। परिजनों के मुताबिक पूछताछ के दौरान पुलिस कर्मी उन्हें अपमानित करते थे। पत्नी को भी थाने लाने की बात कही थी। इससे भी वे तनाव में थे।