काजल का रिश्ता उसकी मां ने तय कराया था। मां व बेटी रिश्ते से खुश थे। लेकिन काजल का पिता इस शादी से खुश नहीं था। शादी के 28 दिन बाद 28 मई 2015 को उत्तम अपनी बेटी काजल को लेने उसकी ससुराल ग्राम बिलरही गया था। गर्मी के दिन होने के कारण चंद्रभान अपनी पत्नी के साथ घर के बगल में खुले में लेट गया। जहां पर उसने अपने ससुर उत्तम राजपूत का भी पलंग बिछा दिया। रात में तीनों लोग आस पास सो गए।
रात को सब लोगों के सो जाने के बाद उत्तम राजपूत उठा और कुल्हाड़ी से बेटी काजल और चंद्रभान पर ताबड़तोड़ वार किए। जिससे चीख पुकार मच गई। तभी घर के लोग दौड़े लेकिन उत्तम राजपूत भाग गया। घटना के कुछ समय बाद दोनों की मौत हो गई।
मृतक के भाई लाल दीवान ने अगले दिन सुबह उत्तम राजपूत के खिलाफ नामजद रिपोर्ट दर्ज कराई थी। न्यायाधीश ने सोमवार को अभिलेखों का परीक्षण और गवाहों के बयानों के आधार पर उत्तम राजपूत को हत्या का दोषी करार दिया। जिला शासकीय अधिवक्ता प्रमोद पालीवाल ने बताया कि 4 अप्रैल को अदालत में बहस होने के बाद सजा सुनाई जाएगी।