यह हुई थी वारदातें
थाने के रहसूपुर गांव में चार जून की रात हाकिम सिंह एक लाख 20 हजार छह लाख के जेवरात, शिवकुमार सिंह के घर से 80 हजार नगदी, तीन लाख के जेवरात, मनोज सिंह के घर से 12 हजार रुपये नगदी, पांच लाख के जेवरात बदमाश परिवारों को बंधक बनाकर लूट ले गए थे। पांच जून की रात खदरा गांव में राहुल यादव और राजेश उर्फ कल्लन पासवान के घरों में बदमाशों ने धावा बोला था। राजेश के घर से 83 हजार नगदी और चार लाख के जेवरात लूट ले गए थे। बसावनपुर गांव में छह जून को जिला पंचायत सदस्य शानू के घर में बदमाश पहुंचे थे, लेकिन सफल नहीं हो सके थे।
इसी झोपड़ी में बनाते थे प्लान
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12 साल से फकीर बनकर रहता फकीर
दुर्गागंज गांव में रफीक नट करीब 12 साल से रहता है। रफीक मूल रूप से बिंदकी कोतवाली क्षेत्र के कुसारा गांव का निवासी है। दुर्गागंज में दो झोपड़ी बनाकर रहता है। एक झोपड़ी में परिवार रहता है। दूसरे में अराजकतत्वों को जमावड़ा लगता है। दूसरी झोपड़ी से शराब, कोल्ड ड्रिंक, डिस्पोजल गिलास पुलिस को मिले हैं। धरपकड़ के बाद से रफीक का परिवार गायब है। उसके दो बेटे हुसैन अली, नफीस अली ट्रक में खलासी का काम करते हैं। उसकी छह लड़कियां हैं, जिसमें चार की शादी हो चुकी है। तीसरे नंबर की बेटी का पति वकील है।
हाजीपुर गांव रेलवे किनारे खड़ी करते बाइकें
बदमाश वारदात में चोरी की बाइकों का इस्तेमाल करते हैं। वकील ने कबूला कि चार अप्रैल को हाजीपुर गांव में उसके साथी उमर और गैंग के अन्य सदस्यों ने डकैती डाली थी। वह लोग बाइक से आते हैं। बाइक हाजीपुर गांव किनारे रेलवे लाइन के झाड़ियों के बीच खड़ी कर देते हैं। घटनाओं के बाद उसी जगह पर पहुंचते हैं। भोर होने का इंतजार करते हैं। उसके बाद भाग जाते हैं। रेकी करने वाला रफीक साजिश रचने का आरोपी है।
पुलिस ने कुछ जेवरात भी बरामद किए
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हत्थे चढ़े वकील को कम सुनाई देता
बदमाश वकील को कम सुनाई देता है। वह ठीक से बोल भी नहीं पाता है। उसने बताया कि वारदात के बाद छह से सात हजार रुपये उमर देता है। इसके अलावा उसे चांदी और नकली जेवरात थमा देता था। उसे असली सोने की पहचान नहीं है। उसके हिस्से में नकली जेवरात ही आते रहे हैं।
जेल से बंद एक नट ने खोला राज
लूटपाट के मामले में जेल में निरुद्ध नट से पूछताछ के बाद पुलिस गैंग तक पहुंच सकी। पुलिस को उसने ही वकील और गैंग के सदस्यों की जानकारी दी, जिसके बाद पुलिस ने रफीक को उठाया। उसके फोन से ही वकील की बातचीत कराई। वारदात के दौरान वकील और उसके साथियों के मोबाइल भी चले थे।