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UP News: फकीर बनकर ससुर करता था रेकी और दामाद डालता था डकैती, पुलिस ने जाल बिछाकर पकड़ा

Sat, 11 Jun 2022 05:57 PM IST
हिमांशु अवस्थी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, फतेहपुर

सार

औंग थाना क्षेत्र में डकैती की कई वारदातों को अंजाम देने वाले ससुर-दामाद को पुलिस ने गिरफ्तार किया है।  पुलिस के अनुसार, सुसर पहले घरों की रेकी करता था। इसके बाद दामाद घर में चोरी करता था। 
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पुलिस की गिरफ्त में आरोपी - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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फतेहपुर के औंग थाना क्षेत्र में चार जून से लेकर छह जून की रातों में ग्रामीणों नींद उड़ाने वाले दो बदमाशों को गिरफ्तार किया है। वहीं, मास्टरमाइंड समेत तीन बदमाश फरार हैं। डाका डालने वाले इस गैंग में जिले और कानपुर साढ़ थाना क्षेत्र के बदमाश शामिल हैं। पुलिस ने उनके पास से कुछ जेवरात भी बरामद किए हैं। बाकी माल अन्य बदमाशों के पास होने का दावा किया है। दोनों के साजिश रचकर चोरी के मामलों में ही जेल भेजा गया है।

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औंग प्रभारी निरीक्षक जयचंद्र भारती और स्वाट प्रभारी विनोद मिश्रा की संयुक्त टीम ने वारदातों में रानीपुर गांव के पास वकील नट निवासी महोलिया थाना साढ़ कानपुर आउटर और उसके ससुर रफीक नट निवासी दुर्गागंज थाना औंग को गिरफ्तार किया है। इनके तीन साथियों कानपुर आउटर साढ़ थाना क्षेत्र के दुबरपुर कसेरुआ निवासी छोटू नट, साढ़ थाना क्षेत्र के महोलिया निवासी नाजिम, जहानबाद थानाक्षेत्र के कोड़ा नटडेरा निवासी उमर उर्फ लम्बू को फरार घोषित किया है। 
रहसूपुर गांव और खदरा गांव में लूटपाट का वकील से चार जोड़ी पायल, एक हाफपेटी, दो अंगूठी, आठ हजार रुपये, एक तमंचा बरामदगी दिखाई है। निरीक्षक ने बताया कि रफीक गांव में घूमकर फकीर वेश में भिक्षा मांगने का काम करता है। भिक्षा मांगने के बहाने से घरों की रेकी करता है। झोपड़ी में बदमाशों का शरण देता है। उसकी झोपड़ी में बदमाश रात को आते हैं। वह बदमाशों घरों की सारी जानकारी देता है, जिसके बाद बदमाश वारदातों को अंजाम देकर बाइक से भाग जाते हैं। 

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आरोपी ससुर और दामाद - फोटो : अमर उजाला
यह हुई थी वारदातें
थाने के रहसूपुर गांव में चार जून की रात हाकिम सिंह एक लाख 20 हजार छह लाख के जेवरात, शिवकुमार सिंह के घर से 80 हजार नगदी, तीन लाख के जेवरात, मनोज सिंह के घर से 12 हजार रुपये नगदी, पांच लाख के जेवरात बदमाश परिवारों को बंधक बनाकर लूट ले गए थे। पांच जून की रात खदरा गांव में राहुल यादव और राजेश उर्फ कल्लन पासवान के घरों में बदमाशों ने धावा बोला था। राजेश के घर से 83 हजार नगदी और चार लाख के जेवरात लूट ले गए थे। बसावनपुर गांव में छह जून को जिला पंचायत सदस्य शानू के घर में बदमाश पहुंचे थे, लेकिन सफल नहीं हो सके थे। 

इसी झोपड़ी में बनाते थे प्लान - फोटो : अमर उजाला
12 साल से फकीर बनकर रहता फकीर
दुर्गागंज गांव में रफीक नट करीब 12 साल से रहता है। रफीक मूल रूप से बिंदकी कोतवाली क्षेत्र के कुसारा गांव का निवासी है। दुर्गागंज में दो झोपड़ी बनाकर रहता है। एक झोपड़ी में परिवार रहता है। दूसरे में अराजकतत्वों को जमावड़ा लगता है। दूसरी झोपड़ी से शराब, कोल्ड ड्रिंक, डिस्पोजल गिलास पुलिस को मिले हैं। धरपकड़ के बाद से रफीक का परिवार गायब है। उसके दो बेटे हुसैन अली, नफीस अली ट्रक में खलासी का काम करते हैं। उसकी छह लड़कियां हैं, जिसमें चार की शादी हो चुकी है। तीसरे नंबर की बेटी का पति वकील है।

सांकेतिक तस्वीर - फोटो : सोशल मीडिया
हाजीपुर गांव रेलवे किनारे खड़ी करते बाइकें
बदमाश वारदात में चोरी की बाइकों का इस्तेमाल करते हैं। वकील ने कबूला कि चार अप्रैल को हाजीपुर गांव में उसके साथी उमर और गैंग के अन्य सदस्यों ने डकैती डाली थी। वह लोग बाइक से आते हैं। बाइक हाजीपुर गांव किनारे रेलवे लाइन के झाड़ियों के बीच खड़ी कर देते हैं। घटनाओं के बाद उसी जगह पर पहुंचते हैं। भोर होने का इंतजार करते हैं। उसके बाद भाग जाते हैं। रेकी करने वाला रफीक साजिश रचने का आरोपी है।

पुलिस ने कुछ जेवरात भी बरामद किए - फोटो : अमर उजाला
हत्थे चढ़े वकील को कम सुनाई देता
बदमाश वकील को कम सुनाई देता है। वह ठीक से बोल भी नहीं पाता है। उसने बताया कि वारदात के बाद छह से सात हजार रुपये उमर देता है। इसके अलावा उसे चांदी और नकली जेवरात थमा देता था। उसे असली सोने की पहचान नहीं है। उसके हिस्से में नकली जेवरात ही आते रहे हैं।
 
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : सोशल मीडिया
जेल से बंद एक नट ने खोला राज
लूटपाट के मामले में जेल में निरुद्ध नट से पूछताछ के बाद पुलिस गैंग तक पहुंच सकी। पुलिस को उसने ही  वकील और गैंग के सदस्यों की जानकारी दी, जिसके बाद पुलिस ने रफीक को उठाया। उसके फोन से ही वकील की  बातचीत कराई। वारदात के दौरान वकील और उसके साथियों के मोबाइल भी चले थे। 
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