कस्बे के सर्वोदय इंटर कॉलेज में मंगलवार को 'जेन-अल्फा' (स्कूली छात्रों) द्वारा किए गए उग्र प्रदर्शन ने प्रशासन की नींद उड़ा दी है। पुलिस और जिला प्रशासन इस बात को मानने के लिए तैयार नहीं हैं कि यह महज कुछ छात्रों का स्वाभाविक गुस्सा था।
सोशल मीडिया और डिजिटल गतिविधियों की पड़ताल
प्रदर्शन के बाद जिला प्रशासन ने कई स्तरों पर जांच तेज कर दी है। पुलिस की साइबर और सर्विलांस टीमें सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो, पोस्ट और अन्य डिजिटल सामग्री को खंगाल रही हैं।
सादी वर्दी में घर पहुंची पुलिस, अंकुर ने दी यह सफाई
बुधवार को सादी वर्दी में पुलिसकर्मी अंकुर के घर पहुंचे और उससे लंबी पूछताछ की। पूछताछ में अंकुर ने बताया कि विद्यालय में फैली अव्यवस्थाओं को लेकर छात्रों में सामूहिक रूप से भारी नाराजगी थी। उसने स्पष्ट किया कि वह रक्षाबंधन पर राखी की दुकान लगाने के लिए माल खरीदने दिल्ली गया था, और उसी दौरान वह जंतर-मंतर भी घूमने चला गया था।
बैनर-पोस्टर की छपाई पर पुलिस के सवाल
इस पूरे प्रदर्शन में इस्तेमाल किए गए प्रिंटेड पोस्टर और पंफ्लेट ने भी पुलिस का ध्यान खींचा है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने का प्रयास कर रही हैं कि प्रदर्शन के दौरान मौजूद बाहरी लोग कौन थे। खुफिया टीमें इस बात की तफ्तीश कर रही हैं कि इतने कम समय में बैनर-पोस्टर कहां से छपे, इनकी छपाई का खर्च किसने उठाया और छात्रों तक इन्हें किसने पहुंचाया।
प्रधानाचार्य बोले- अगस्त में लगने थे पंखे
इस मामले में जिला विद्यालय निरीक्षक और पुलिस ने सर्वोदय इंटर कॉलेज के प्रधानाचार्य लाल बहादुर सिंह से भी पूछताछ की। प्रधानाचार्य ने बताया कि विद्यालय की कक्षाओं में पंखों की व्यवस्था इसी अगस्त महीने में कराई जानी थी।