फतेहपुर में तीन माह की बच्ची के साथ दुष्कर्म के बाद हत्या के मामले में पाॅक्सो कोर्ट की विशेष अदालत के अपर जिला जज मो. अहमद खान ने मुल्जिम दिनेश पासवान को फांसी की सजा सुनाई है। यह जनपद का पहला मामला है, जिसमें अदालत ने महज 70 दिन की सुनवाई में फांसी की सजा सुनाई है। सजा के साथ ही अदालत ने मुल्जिम पर 75 हजार का अर्थदंड भी लगाया है।
खागा कोतवाली क्षेत्र के सुजरही गांव में कौशांबी जनपद के कड़ाधाम थाना के दादानगर का 25 वर्षीय दिनेश पासवान किराए पर घर लेकर अपनी मां के साथ रहता था। 15 अक्तूबर को दोपहर बारह बजे बच्ची को नवरात्र में देवी प्रतिमा विसर्जन के दिन जब घर पर कोई नहीं था।
तब दिनेश ने पड़ोस की तीन साल की बच्ची को सेब खिलाने के बहाने बुलाया और उसके साथ दुष्कर्म किया। इस दौरान बच्ची की मृत्यु हो गई। दिनेश ने बच्ची के शव को कमरे में रखे बिस्तरों के नीचे दबा दिया, ताकि किसी को पता न चले।
काफी देर तक जब बच्ची का पता नहीं चला तो गांव में हलचल हुई। रात तकरीबन साढ़े नौ बजे लोगों ने दिनेश से अपना कमरा दिखाने को कहा, तलाशी के दौरान बच्ची का शव कमरे से बरामद हुआ। मामला अलग-अलग समुदायों का होने के कारण गांव का माहौल गर्म हो गया था। सूचना पर भारी मात्रा में पुलिस बल और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे।
मृतका के परिजनों को न्याय दिलाने के परिजनों को न्याय दिलाने के लिए वरिष्ठ अधिवक्ता राकेश वर्मा और सहायक शासकीय अधिवक्ता धर्मेंद्र उत्तम ने न्यायालय के समक्ष पैरवी की। उन्होंने एक के एक बाद अदालत के समक्ष सत्रह गवाहों के बयान दर्ज करवाए। अदालत ने मंगलवार को आरोपी को मृत्युदंड की सजा सुना दी।