आर्थिक रूप से कमजोर लोगों को धन का लालच देकर धर्म परिवर्तन कराया जाता था। इसके लिए विदेशों से पैसा आता था। इसका खुलासा सामूहिक धर्मांतरण के आरोपियों के खातों की जांच में हुआ है। आरोपियों के खातों में करीब एक करोड़ रुपये विदेशों से आए थे। मामले की जांच एटीएस (आतंकवाद विरोधी दस्ता) भी कर रही है।
हरिहरगंज चर्च में सामूहिक धर्मांतरण मामले में पुलिस ने ईसाई मिशनरी से जुड़ी संस्थाओं और उनके बैंक खातों को खंगाला। चर्च से जुडे़ कुछ लोगों के खातों में इटली, रोम, लंदन से रुपये भेजे गए। कुछ आरोपियों खाते स्टेट बैंक ऑफ इंडिया की मुख्य शाखा और केनरा बैंक में हैं।
एसबीआई में आरोपी मुकुल कुमार का खाता है। पुलिस ने नामजद 32 आरोपियों की सूची बैंकों को देकर ब्योरा मांगा है। पुलिस को हवाला के जरिये रकम खातों में आने का शक है। विवेचक अमित मिश्रा ने बताया कि विदेशों से फंडिंग का पता चला है। अभी जांच की जा रही है।
मिशन अस्पताल ने सौंपी पुलिस को जानकारी
ब्राडवेल मिशन हास्पिटल के चेयरमैन ने पुलिस को पूरी जानकारी दे दी है। संस्था में 17 सदस्य, 14 डॉक्टर और कर्मचारी हैं। चर्च प्रकरण में नामजद मिशन हास्पिटल में काम करने वालों का आधार कार्ड, अस्पताल का बैंक खाता, वित्तीय सहायता देने वाली संस्थाओं, बोर्ड मेंबरों की जानकारी पुलिस ने मांगी थी। हरिहरगंज चर्च के इवेजलिकल चर्च के लीगल एडवाइजर ने बीमार होने के कारण जानकारी देने के लिए कुछ समय मांगा है।