कन्नौज जिले में छिबरामऊ के नौली गांव के रहने वाले कुलदीप मिश्र करीब चार माह पहले कश्मीर के तंगधार में डयूटी के दौरान हिमपात होने से घायल हो गए थे, तब से उनका इलाज लखनऊ के सैनिक अस्पताल में चल रहा था, मगर बीती रात उनका देहांत हो गया।
कुलदीप के शहीद होने की खबर गांव में लगते ही पूरा क्षेत्र हिंदुस्तान जिन्दाबाद के नारों से गूंज उठा। कुलदीप अपने पीछे दो बच्चों को छोड़कर चले गए। फतेहगढ़ की सिख रेजीमेंट से आए कमांडेंट चमकौर सिंह, हवलदार गुरुवार सिंह सहित कई सैनिकों ने उनके पार्थिक शरीर पर तिरंगा डाला और राजकीय सम्मान के साथ गार्ड ऑफ ऑनर दिया।
गांव में ही पैत्रक जमीन पर उनका अंतिम संस्कार किया गया। सैकड़ों ग्राम वासियों की मौजूदगी में भारत माता की जय और कुलदीप मिश्रा अमर रहे के नारों के साथ पार्थिक शरीर को अग्नि के हवाले किया गया। इस दौरान क्षेत्र की विधायक अर्चना पांडे ने पहुंचकर घरवालों को साहस दिया और प्रशासनिक अधिकारी एसडीएम व क्षेत्राधिकारी भी मौजूद रहे।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शहीद कुलदीप मिश्रा के परिजनों को 50 लाख रुपए, एक सदस्य को नौकरी और एक सड़क का नाम शहीद के नाम से करने की घोषणा की है।