फर्रुखाबाद जिला जेल के अधीक्षक व जेलर पर गलत दवा खिलाकर बंदी संदीप को मारने का आरोप लगाकर मेरापुर थाने में भाई ने तहरीर दी। एसओ ने इस संबंध में एसपी व डीएम से बात करने के बाद जांच सक्षम अधिकारी को तहरीर सौंपने का दावा किया है।
उनका कहना है कि उच्चाधिकारियों पर लगे आरोप की जांच वह कैसे कर सकते हैं। मेरापुर थाना क्षेत्र के गांव बिराहिमपुर निवासी शैलेंद्र ने सोमवार को जिला जेल के अधीक्षक रामधनी, जेलर अखिलेश कुमार पर बंदी भाई संदीप को गलत दवा खिलाकर मारने का आरोप लगाकर तहरीर दी।
इसमें बताया कि भाई संदीप दहेज हत्या के मुकदमे में वर्ष 2012 से जिला जेल में बंद था। 28 अक्तूबर को बंदी संदीप को तेज बुखार आया। लेकिन जिला जेल में संदीप का इलाज नहीं कराया गया। संदीप की हालत खराब होती चली गई। भाई संदीप के साथ बंद अन्य बंदियों ने जेल प्रशासन की इलाज न कराने की शिकायत कर दी।
शैलेंद्र ने आरोप लगाया कि जेल अधीक्षक रामधनी व जेलर अखिलेश कुमार ने भाई संदीप को एक टेबलेट खिला दी। उसके बाद संदीप बेहोश हो गया। संदीप को जिला जेल से लोहिया अस्पताल भेजा गया। वहां से सैफई रेफर किया गया। वहां इलाज के दौरान संदीप की मौत हो गई।
अधीक्षक व जेलर के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई की जाए। एसओ देवी प्रसाद गौतम ने बताया कि बंदी के भाई शैलेंद्र ने अधीक्षक व जेलर पर आरोप लगाकर तहरीर दी है। दोनों ही उच्चअधिकारी हैं। उनके खिलाफ वह जांच नहीं कर सकते हैं। इस मामले में डीएम व एसपी से बात करने के बाद सक्षम अधिकारी को जांच करने के लिए तहरीर सौंप देंगे।
आठ बंदियों ने डीएम को भेजा था शिकायती प्रार्थना पत्र
जिला जेल की बैरक नंबर नौ में बंद बदी पप्पू उर्फ रघुनंदन, संजीव, राजीव, संजय, सत्यराम, गुड्डू, राम निवास ने जिलाधिकारी को प्रार्थना पत्र भेजकर जेलर व डिप्टीजेलर शैलेश कुमार सोनकर की शिकायत की थी। इसमें कहा था कि 18 अक्तूबर से बंदी संदीप की तबियत खराब है।
जेलर व डिप्टी जेलर ने बंदी संदीप को दवा खिला दी। इसके बाद से संदीप बेहोश और कुछ खा पी नहीं रहा है। लोहिया में उपचार कराने की बात कहने पर डिप्टी जेलर पर धमकी देने का आरोप लगाया है। डीजी जेल आनंद कुमार ने इस बिंदु पर भी जांच कराने का भरोसा दिया है।