इंजन पर चढ़ गया था प्वाइंट मैन
नियमानुसार प्वाइंट मैन ट्रेन के चालक को मेमो नीचे से ही रिसाव करवा देता है। जब विवाद हुआ तो गुस्से में प्वाइंट मैन इंजन पर चढ़ गया। इसी पर दोनों में मारपीट शुरू हो गई। मारपीट में यदि चालू इंजन में कुछ तकनीकी बटन दब जाती तो बड़ा हादसा भी हो सकता था।
मथुरा-बरेली के ट्रेन छूटने से परेशान रहे लोग
इस ट्रेन पर तमाम यात्री मथुरा और बरेली की ओर जाने के लिए सवार थे। कई यात्रियों ने कहा कि यह ट्रेन पहुंचती है तो मथुरा और बरेली की ओर जाने वाली ट्रेन खड़ी मिलती है। अब उनकी ट्रेन छूटने से बड़ी दिक्कत होगी।
एसएम को मेमो, कंट्रोल को दे दी थी सूचना: चालक
ट्रेन के चालक मान सिंह ने बताया कि चार डिब्बों में ब्रेक नहीं लग रहे थे। 85 प्रतिशत से नीचे ब्रेक होने पर ट्रेन को नहीं चलाया जा सकता। खुदागंज में ब्रेक 66 फीसदी रहने पर स्टेशन मास्टर को मेमो देकर कंट्रोल को सूचना दे दी थी। वहां से फर्रुखाबाद तक ले जाकर सही कराने के लिए कहा गया था। यहां भी ब्रेक ठीक न होने की जानकारी दे दी थी, मगर ट्रेन रवाना करने का सिग्नल दे दिया गया। प्वाइंट मैन ने मेमो रिसीव करने का दबाव बनाया। यदि ट्रेन ले जाते तो हादसा हो सकता था। उन्होंने मना किया तो प्वाइंट मैन इंजन पर चढ़कर मारपीट करने लगा। इससे चोटें आईं।
चालक ने सिर में मार दिया था डंडा: प्वाइंट मैन
प्वाइंट मैन यादवेंद्र सिंह ने कहा कि स्टेशन मास्टर ने मेमो दिया तो उन्हें रिसीव कराना ही था। जब मेमो रिसीव करने के लिए कहा तो चालक ने गालियां दे दीं। गाली न देने के लिए कहा तो उसने सिर में डंडा मार दिया। इससे उसके चोट आई। चालक ने इंजन पर उसे खींच लिया था। उसने चालक से मारपीट नहीं की।
‘चालक और प्वाइंट मैन में मारपीट हुई है। दोनों ने खुद ही तहरीर वापस ली है। उच्चाधिकारियों को पूरा मामला बता दिया है। आगे की कार्रवाई वहीं से होगी। कैरिज विभाग ने इंजन को चेक कर उसके सही होने की रिपोर्ट दे दी थी। इसके बाद ट्रेन को रवाना किया गया।’
योगेंद्र कुमार शाक्य, स्टेशन अधीक्षक, फर्रुखाबाद
‘चालक और प्वाइंट मैन ने मारपीट की तहरीर दी थी। कुछ ही देर में दोनों ने अपनी तहरीरें वापस ले लीं।’
चमन गोस्वामी, जीआरपी इंस्पेेक्टर