फर्रुखाबाद में सेंट्रल जेल के सजायाफ्ता कैदी की मौत पर परिजनों ने जेल प्रशासन पर गुमराह करने का आरोप लगाकर लोहिया अस्पताल में हंगामा कर दिया। सीओ सिटी व कादरीगेट एसओ ने मौके पर जाकर परिजनों को शांत किया। जनपद उन्नाव थाना अचलगंज मोहल्ला भदोई निवासी अशोक तिवारी (80) को हत्या के मुकदमे में आजीवन कारावास की सजा हुई थी।
उनको उन्नाव जेल से 30 अप्रैल 2017 को सेंट्रल जेल स्थानांतरित कर दिया गया था। वह मधुमेह व रक्तचाप से ग्रसित थे। उनका जेल के अस्पताल में इलाज चल रहा था। शनिवार सुबह हालत बिगड़ने पर अशोक को लोहिया अस्पताल भेजा गया। वहां इलाज के बाद डॉक्टर ने वापस जेल भेज दिया। शाम को अशोक की हालत बिगड़ने पर फिर से उसको लोहिया अस्पताल भेजा गया। लोहिया अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टर ने उनको मृत घोषित कर दिया।
सूचना मिलने पर पुत्र अतुल तिवारी व कानपुर निवासी दामाद अभिषेक अवस्थी सहित परिजन सेंट्रल जेल पहुंचे। वहां पता चला कि शव लोहिया अस्पताल में है। लोहिया अस्पताल पहुंचने पर पता चला कि शव जेल की एंबुलेंस लेकर चली गई है। परिजनों ने जेल प्रशासन पर गुमराह करने का आरोप लगाकर हंगामा कर दिया। जानकारी होने पर सीओ सिटी प्रदीप कुमार सिंह, कादरीगेट एसओ विनोद कुमार शुक्ला मौके पर पहुंचे। जेल के अधिकारियों से वार्ता कर परिजनों को शांत किया।
शव लोहिया अस्पताल की मर्चरी में रखवा दिया गया। वरिष्ठ अधीक्षक पीएन पांडेय ने बताया कि कैदी अशोक बीमार था। सुबह उसको लोहिया अस्पताल भेजा गया था। डॉक्टर ने इलाज के बाद वापस जेल भेज दिया था। शाम को तबीयत बिगड़ने पर फिर से लोहिया अस्पताल भेजा गया। जेल प्रशासन की ओर से परिजनों को सूचना दी गई। गुमराह करने का आरोप निराधार है।