पुरवा कोतवाली क्षेत्र के भगतखेड़ा निवासी ओमप्रकाश (44) खेती कर परिवार का पालन पोषण करता था। पत्नी सावित्री से अक्सर विवाद होता था। 18 जून को शाम चार बजे ओमप्रकाश पत्नी को लिवाने के लिए ससुराल अमरीखेड़ा गया था। रात में खाना-खाने के दौरान पति-पत्नी में फिर विवाद हुआ तो पत्नी ने (18) साल के बेटे नीरज, भाई लल्लन, घसीटे और मां सुंदरी के साथ मिलकर ओमप्रकाश के साथ मारपीट की। वह खुद को बचाने के लिए छत पर चला गया, तो हमलावरों ने उसे नीचे फेंक दिया। इससे उसकी मौत हो गई।
अपना गुनाह छिपाने के लिए पत्नी, बेटे व अन्य ने शव को घर में ही दफना देने की योजना बनाई और बेटे नीरज के कमरे में गड्डा खोदकर शव को दफना दिया। उधर बेटे के घर न लौटने पर मां सुमित्रा ने जगेथा निवासी भाई सुखलाल व चचेरे भाई बृजमोहन को 22 जून को बेटे की ससुराल भेजा। लेकिन ओम प्रकाश की पत्नी व अन्य लोगों ने यह कहकर चलता कर दिया कि वह तो 18 जून की रात को ही चले गए थे। बेटे का पता न चलने पर मां ने पुरवा कोतवाली में सूचना दी। पुलिस ने 25 जून को कोतवाली में गुमशुदगी दर्ज की, लेकिन जांच शुरू नहीं की।
गुरुवार को ग्रामीणों ने मृतक के परिजनों को घर से दुर्गंध आने की जानकारी दी। इसपर पुलिस पहुंची और ओमप्रकाश की पत्नी, बेटे व बड़े साले को कोतवाली ले गई। अलग-अलग कड़ाई से पूछताछ की, तो हत्या की सनसनीखेज वारदात का खुलासा हुआ। शुक्रवार को पुलिस ने घर के एक कमरे में गड्ढे में दबाए गए शव को निकलवाया। कोतवाल ज्ञानेंद्र सिंह ने बताया के मृतक की मां की तहरीर पर पत्नी, बड़े बेटे, दो साले और सास के खिलाफ हत्या और शव छिपाने की रिपोर्ट दर्ज की गई है। पत्नी, बेटे व बड़े साले को गिरफ्तार कर लिया गया है।
डिप्टी सीएम ने फोन किया तब जागी पुलिस
घटना में पुरवा कोतवाली पुलिस लगातार लापरवाही बरतती रही। पहले गुमशुदगी दर्ज करने और बाद में घटना की जांच में। उपमुख्यमंत्री बृजेश पाठक के फोन करने पर पुलिस न ओमप्रकाश की गुमशुदगी दर्ज की। इसके भी पांच दिन तब सक्रिय हुई, जब परिजनों ने घर से दुर्गंध आने का पुख्ता जानकारी दी। लखनऊ के इंद्रानगर निवासी मृतक के बहनोई कल्लू ने बताया कि उनकी जान पहचान उप मुख्यमंत्री बृजेश पाठक से है।
पुलिस मामले में लगातार लापरवाही बरतती रही, तो वह उपमुख्यमंत्री से मिले और पूरी जानकारी दी। उन्होंने फोन किया तब पुलिस सक्रिय हुई और ओम प्रकाश के लापता होने के आठ दिन बाद गुमशुदगी दर्ज की। गुरुवार को जब घर वालों ने ही पूरे दावे के साथ पुलिस को यह बताया कि ओमप्रकाश की हत्या का अंदेशा है, क्योंकि घर से दुर्गंध आ रही है। तब पुलिस सक्रिय हुई।