इसी दौरान अलमारी खुली पाकर मयंक ने उसमें रखी पिस्टल कब निकाल ली। उन्हें पता भी नहीं चल सका और छोटा पुत्र सिद्धार्थ के साथ आपस में चोर-सिपाही खेलने लगे। तभी अचानक गोली चलने की आवाज आई। जब वह कमरे में पहुंचकर देखा, तो सिद्धार्थ कमरे के फर्श पर लहूलुहान पड़ा था और मयंक के हाथों में उनकी पिस्टल थी।
आनन-फानन में उसे सदर अस्पताल ले आए। जहां दौरान इलाज उसकी मौत हो गई। सचिव के दो पुत्र एक पुत्री है। मृतक सबसे छोटा था। इंस्पेक्टर चित्रसेन सिंह ने बताया कि घटना बच्चों के खेल-खेल में हुई है, पिस्टल बरामद कर ली गई है। बच्चे का पोस्टमार्टम कराया जाएगा। घटना से परिजनों का रो रोकर बुरा हाल है। वहीं सीओ विवेक यादव का कहना है कि बड़े भाई के हाथ से गोली चल गई, जिससे मासूम की मौत हो गई।