सरकारी कीमत 33.98 लाख थी
पूछताछ में मधुर ने बताया कि उसके बीजेपी नेता से काफी पुराने संबंध हैं। उन्होंने ही सस्ते दाम में जमीन दिलाने का लालच दिया था। इसके बाद उसने जमीन की रजिस्ट्री कराकर दाखिल खारिज करा ली थी। बताया कि जो जमीन उसने ली थी, उसकी सरकारी कीमत 33.98 लाख थी। बाबू सिंह को रुपयों की जरूरत थी, तो सात लाख रुपये में खरीद ली थी। 6.85 लाख के दो चेक दिए थे। इसमें एक चेक पांच लाख और दूसरा चेक 1.85 लाख का था।
एक ही दिन में हुई थी दो रजिस्ट्री
जालसाजों ने 18 मार्च 2023 को बाबू सिंह यादव से ग्राम अहिरवां स्थित उनकी 10 बीघा जमीन की दो रजिस्ट्री कराई थीं। पहली रजिस्ट्री मुधर पांडेय ने कराई थी। दूसरी नोएडा के बी 92 सेक्टर 31 निवासी राहुल जैन ने 1.121 हेक्टेयर जमीन की कराई थी। इसका सौदा 25 लाख रुपये में हुआ था। राहुल जैन ने एक्सिस बैंक नोएडा ब्रांच के दो चेक दिए गए थे। एक 20 लाख और दूसरा पांच लाख का था, जो रजिस्ट्री के बाद छीन लिए गए थे। तीन और रजिस्ट्री कराई गई थीं। सभी का मिलाकर 6.58 करोड़ रुपये मिलना था। सिर्फ सात लाख रुपये देकर आरोपियों ने जमीन हड़प ली थी।
बीजेपी नेता की पत्नी ने की सरेंडर करने की अपील
जेसीपी ने बताया कि पुलिस बीजेपी नेता व उसके साथियों की तलाश में मैनपुरी, कानपुर, जबलपुर, इंदौर, दिल्ली और लखनऊ में लगातार दबिश दे रही है। इस बीच मंगलवार देर रात आशु दिवाकर की पत्नी ने एक 14 सेकेंड का वीडियो सोशल मीडिया पर जारी किया है। इसमें अपने पति से आत्मसमर्पण करने की अपील की है। उसने कहा कि आशु तुम जहां भी हो वापस आ जाओ...। पूरा परिवार परेशान है। तुम गलत नहीं हो, पुलिस और कानून तुम्हारी मदद करेगा।
दूसरे आरोपी के गिरफ्तारी से भावुक हुईं बेटियां
राहुल जैन के बाद मधुर की गिरफ्तारी की सूचना जब बाबू सिंह की बेटियों को हुई तो वे भावुक हो गईं। कहा कि देर से सही लेकिन उन्हें न्याय मिलता दिखाई पड़ रहा है। न्याय संघर्ष समिति के संयोजक अभिमन्यु गुप्ता ने बताया कि बुधवार को हाई कोर्ट में प्रियरंजन द्वारा मुकदमा रद्द करने के लिए याचिका डाली गई है। याचिका का विरोध करने के लिए पुलिस की ओर से सरकारी वकील खड़ा किया गया है, पीड़ित परिवार ने भी अपना वकील किया है।