आरोपी सरकारी शिक्षक है। डीसीपी ट्रैफिक बीबीजीटीएस मूर्ति ने बताया कि 16 अगस्त को उनके पास एक कॉल आई। शख्स ने बताया कि उसका नाम आशुतोष त्रिपाठी है। वह आईपीएस है और उसकी तैनाती नेशनल टेक्निकल रिसर्च ऑर्गनाइजेशन में है।
कानपुर में डीसीपी ट्रैफिक और क्राइम ब्रांच ने गुरुवार को एक फर्जी आईपीएस को नौबस्ता से गिरफ्तार किया। उसके पास से गृह मंत्रालय का एक फर्जी आईडी कार्ड भी बरामद हुआ है। 2 हजार रुपये का चालान माफ कराने के लिए आरोपी ने खुद को आईपीएस बता डीसीपी ट्रैफिक को फोन किया था।
विज्ञापन
डीसीपी ने बातचीत से भांप लिया कि ये शख्स फर्जी है। उन्होंने जाल बिछाया और सर्विलांस की मदद से ट्रेस कर उसको गिरफ्तार कर लिया। आरोपी सरकारी शिक्षक है। डीसीपी ट्रैफिक बीबीजीटीएस मूर्ति ने बताया कि 16 अगस्त को उनके पास एक कॉल आई।
शख्स ने बताया कि उसका नाम आशुतोष त्रिपाठी है। वह आईपीएस है और उसकी तैनाती नेशनल टेक्निकल रिसर्च ऑर्गनाइजेशन में है। उसकी परिचित एक महिला का दो हजार रुपये का चालान हो गया है। जिसको माफ कराना है। डीसीपी ने उसे मिलने के लिए दफ्तर बुलाया। मगर वह नहीं आया।
विज्ञापन
सर्विलांस की मदद से लोकेशन निकाली और गुरुवार को नौबस्ता के शंकराचार्य नगर से फर्जी आईपीएस आशुतोष त्रिपाठी को गिरफ्तार कर लिया। जांच में पता चला कि आशुतोष किदवई नगर स्थित घनश्याम दास शिवकुमार सीनियर सेकेंडरी स्कूल में शिक्षक है। आरोपी को कोर्ट में पेश कर जेल भेजा गया है।