उन्नाव के सफीपुर में ग्रामीण बैंक ऑफ आर्यावर्त की शाखा में पूर्व में तैनात रहे बैंक अधिकारियों ने चार साल में 74 फर्जी किसान क्रेडिट कार्ड जारी कर 46 लाख निकाल लिए। लाखों का घोटाला विभागीय जांच में पकड़ा गया है। क्षेत्रीय कार्यालय के निर्देश पर शाखा प्रबंधक ने नौ बैंक अधिकारियों और 74 किसानों पर गबन का मुकदमा दर्ज कराया है।
सफीपुर कस्बा स्थित ग्रामीण बैंक आफ आर्यावर्त में वर्ष 2008 से 2012 के बीच तैनात रहे शाखा प्रबंधकों ने 74 फर्जी किसानों के नाम केसीसी कार्ड जारी कर 46 लाख रुपये पार कर दिए। इस दौरान एक के बाद एक शाखा प्रबंधक स्थानांतरित होकर दूसरे जिले चले गए। लाखों का घोटाला बैंक के क्षेत्रीय कार्यालय लखनऊ की ऑडिट टीम ने पकड़ा। बैंक ने अपने स्तर से जांच कराई तो पाया कि अधिकांश क्रेडिट कार्डों में ओवरराइटिंग है। इसके बाद टीम ने क्रेडिट कार्ड पर दर्ज किसानों के नाम पते के आधार पर स्थलीय सत्यापन किया। सत्यापन में एक भी किसान टीम को नहीं मिला। ऑडिट टीम ने क्षेत्रीय कार्यालय और चेयरमैन को अपनी रिपोर्ट भेजी। विभागीय जांच में लाखों का घपला सामने आने के बाद उच्चाधिकारियों के निर्देश पर शाखा प्रबंधक आशुतोष शुक्ला ने सफीपुर कोतवाली में 83 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया है। आरोपियों में 9 बैंक अधिकारी और 74 किसानों के नाम हैं। सफीपुर कोतवाली राघवन कुमार ने बताया कि बैंक के शाखा प्रबंधक की तहरीर पर रिपोर्ट दर्ज की गई है। सभी का पता लगाकर उनकी गिरफ्तारी व अन्य कार्रवाई की जाएगी।