केस्को के पराग डेयरी डिवीजन में यह मामले सामने आने के बाद अब विभाग में छिपे लोगों को चिह्नित कर कार्रवाई की जद में लाया जा रहा है। नौबस्ता, किदवईनगर और पराग डेयरी में यह गैंग सक्रिय है, जबकि इसके पहले सर्वोदय नगर और जाजमऊ डिवीजन में भी मीटरों की अदला बदली पकड़ी गई है।
लॉन से मीटर उखाड़ने में केस्को रिपोर्ट पर सवाल
साकेत नगर में जिन 20 बिजली मीटरों का सीरियल नंबर केस्को रिकॉर्ड से अलग था, उनमें केस्को ने हर मीटर की जांच कराकर कार्रवाई शुरू की है। इसके तहत शनिवार को साकेत नगर में उपभोक्ता संजय त्रिपाठी के पार्टी लॉन से उखाड़े गए मीटर में टेस्ट डिवीजन तृतीय की रिपोर्ट पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
रिपोर्ट के मुताबिक जो मीटर लॉन में मिला है, वह फर्जी है। उसे केस्को के टेस्ट डिवीजन ने नहीं लगाया। उपभोक्ता ने 2019 में कनेक्शन लिया और यह मीटर 2014 के पहले का है। लेकिन रिपोर्ट में यह नहीं बताया गया कि यह मीटर असली या नकली। वहीं, अगर यह मीटर बाजार में मिलता है तो उस पर क्या कार्रवाई की गई है।
अगर यूपी पॉवर कार्पोरेशन के किसी दूसरे डिस्कॉम का मीटर है तो यहां कैसे आया। इन सभी बिंदुओं के जवाब न होने से यह स्पष्ट हो रहा है कि केस्को इस मामले को पटाक्षेप करना चाह रहा है। अपनी रिपोर्ट को सर्वमान्य मानकर उसके आधार पर संदिग्ध मीटर उखाड़ लिए जाएंगे और उसके साक्ष्य भी खत्म हो जाएंगे।