कानपुर में नौबस्ता के केशव नगर में पुलिस ने बुधवार को एक नकली आयुर्वेदिक दवा व च्यवनप्राश बनाने वाली फैक्टरी का भंडाफोड़ कर दो महिलाओं को गिरफ्तार किया। शक्तिवर्धक व मोटापा कम करने का दावा कर इन दवाइयों व च्यवनप्राश की सप्लाई होती थी। मौके से पुलिस ने तमाम तरह की नकली दवाइयां व च्यवनप्राश व पैकिंग सामग्री समेत अन्य चीजें बरामद की हैं। गिरोह का एक आरोपी फरार है।
एडीसीपी साउथ मनीष सोनकर ने बताया कि केशव नगर निवासी सुशीला शुक्ला व प्रीति पांडेय को गिरफ्तार किया गया है। सुशीला का बिधनू निवासी दामाद विकास चतुर्वेदी फरार है। ये सभी मिलकर घर पर ही नकली आयुर्वेदिक दवाइयां बनाकर सप्लाई करते थे। मौके से 15 ब्रांड की नकली दवाइयां व च्यवनप्राश बरामद हुआ है। औषधि विभाग से संपर्क कर जानकारी दी गई है। नमूने जांच के लिए संबंधित विभाग ने लिए हैं।
चूरन, चीनी से बनाते थे च्यवनप्राश
नौबस्ता इंस्पेक्टर अमित भड़ाना ने बताया कि आरोपी चूरन, चीनी व कुछ जड़ीबूटियों के मिश्रण को असली वाले च्यवनप्राश से मिलाते थे। फिर अलग-अलग ब्रांड के डिब्बों में पैक करते थे। 500 ग्राम का डिब्बा 400 रुपये में, 900 ग्राम का डिब्बा 700 रुपये में सप्लाई करते थे। नकली आयुर्वेदिक दवाइयों को भी आरोपी चूरन, चीनी से बनाते थे।
एलोपैथिक दवाइयों का भी करते थे इस्तेमाल
एडीसीपी ने बताया कि आरोपी एलोपैथिक की शक्ति वर्धक दवाइयां खरीदकर लाते थे। उनको पीसकर तैयार किए गए पेस्ट आदि में मिलाकर सैकड़ों की संख्या में आयुर्वेदिक टैबलेट तैयार करते थे। महिलाओं ने बताया कि उनकी जिम्मेदारी दवा व च्यवनप्राश तैयार करने की रहती थी। विकास सप्लाई करता था। खासकर मेलों व बाजारों में टेंट लगाकर इन दवाइयों की सप्लाई करते थे। हाल में ही गिरोह मध्य प्रदेश के एक मेले में दवाइयों की सप्लाई की। अब माघ मेले में सप्लाई करने की तैयारी थी।