‘मैं अपनी निजी जिंदगी से तंग आकर खुदकुशी कर रहा हूं...। नौबस्ता इंस्पेक्टर कुंज बिहारी मिश्रा, विराटनगर चौकी इंचार्ज अजय कुमार, सिपाही प्रशांत, आदेश कुमार और सोनू यादव ने मुझे फर्जी आरोपों में जेल भेज दिया था। इससे मेरा आत्मसम्मान खत्म हो गया है...।
मेरी मौत के जिम्मेदार यही पुलिसकर्मी होंगे’...। सुसाइड नोट में ये आरोप लगाकर टीपी नगर निवासी चंदन कठेरिया ने जान देने का प्रयास किया। परिजनों ने हैलट में भर्ती कराया है। छह सितंबर को चंदन ने पीएम कार्यालय में शिकायत कर बताया था कि 22 अगस्त की रात करीब आठ बजे वह नौबस्ता चौराहे पर खड़ा था।
वाहन चालकों से वसूली करते कुछ सिपाहियों का वीडियो बना लिया था। सिपाही ने मोबाइल से वीडियो डिलीट कर दिया और मारपीट की। इसके बाद थाने ले गए। थाना प्रभारी ने रिपोर्ट दर्ज कर उसे जेल भेज दिया।
इससे आहत चंदन ने शनिवार शाम को पहले कोई जहरीला पदार्थ खाया और धारदार हथियार से हाथ काट लिया। थाना प्रभारी कुंज बिहारी मिश्रा ने बताया कि चंदन ऑटो चालक को पीट रहा था। जेब्रा के सिपाही ने बीचबचाव किया तो उसे भी पीट दिया।
एसपी साउथ के आदेश पर उसके खिलाफ कार्रवाई की गई थी। थाना प्रभारी के अनुसार जेल से छूटकर आने के बाद चंदन विवेचक पर फाइनल रिपोर्ट लगाने का दबाव डाल रहा था। दरोगा के मना करने पर यह कदम उठाया।