कानपुर देहात। हाईपरटेंशन, डायबिटीज, हार्ट अटैक जैसी गंभीर बीमारियों का उपचार व मरीज की पहचान कर एनसीडी पोर्टल पर फीड करनी होती है। इसमें लापरवाही बरतने वाले सात सीएचओ से स्पष्टीकरण मांगा गया है। इनमें से तीन ने अपना जवाब दिया है।
आजकल लोगों में लगातार बीपी का बढ़ना, डायबिटीज, सीओपीडी, अस्थमा जैसी अन्य बीमारियों से खतरा बढ़ा है, इससे मौत भी हो रही है। इसको देखते हुए शासन ने गैर संचारी रोग अभियान कार्यक्रम चलाया है। इसमें मरीज की पहचान कर उनका विधिवत इलाज की व्यवस्था है, ताकि इन बीमारियों से हो रही मौतों की संख्या को कम किया जा सके। हेल्थ वेलनेस सेंटरों में तैनात सीएचओ को इसकी रिपोर्टिंग करनी होती है, लेकिन जिले के चार ब्लॉक के सात सीएचओ ने आज तक रिपोर्टिंग ही नहीं की है। ऐसे में माना जा रहा है कि सीएचओ द्वारा मरीजों की पहचान नहीं की जा रही। इस पर सीएमओ स्तर से सात सीएचओ को पत्र भेजकर जवाब तलब किया है। अभी तक तीन सीएचओ को जवाब आ चुका है। भेजे गए जवाब में अकबरपुर ब्लॉक के रुरवाहार सेंटर की सीएचओ रीना देवी ने बताया है कि उनकी आईडी किसी दूसरे हेल्थ वेलनेस के नाम पर बनी है। रसूलाबाद के सीएचओ विश्व गौरव ने भी आईडी दूसरे सेंटर के नाम पर बनी होने का जवाब दिया है। सीएमओ डॉ. एके सिंह ने बताया कि एनसीडी शासन के महत्वपूर्ण कार्यक्रम में शामिल है। सात सीएचओ द्वारा एनसीडी पोर्टल पर रिपोर्टिंग नहीं की जा रही है। सभी से स्पष्टीकरण मांगा गया है।
इन सीएचओ से मांगा गया स्प्ष्टीकरण
नरेंद्र सिंह पाल, विश्वगौरव, अनुपम प्रियंकर, रीना देवी, ज्योति, निशा यादव, फरमान अहमद, ज्योति शुक्ला।
-