देखनी है हमारी उड़ान तो और ऊंचा करो आसमान...। इसी हौसले और जज्बे के साथ 47 साल की मिशेल काकाडे 6010 किमी की पैदल रेस ‘ग्रेट इंडिया चतुर्भुज रन’ पूरी कर रही हैं। यह रेस पूरी करने के बाद पुणे की मिशेल का नाम गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज हो जाएगा।
21 अक्तूबर को मुंबई के गेट वे ऑफ इंडिया से शुरू हुई इस रेस को 18 अप्रैल (181 दिन में) को पूरा करना है। रोजाना करीब 35 से 40 किमी पैदल चलकर दो महीने दो दिन में बुधवार को शहर पहुंची मिशेल काकाडे ने ‘अमर उजाला’ को अपने मिशन के बारे में बताया।
गुरुवार सुबह सात बजे वह फिर अपने मिशन (दिल्ली के लिए) पर बढ़ चलेंगी। भोपाल में जन्मी मिशेल ने बताया कि उनके पिता मिस्टर एटिक शिप पर काम करते थे। ग्रेजुएशन की पढ़ाई करने के लिए वह पुणे चली गईं। वहीं व्यवसायी अनिल काकाडे से शादी कर ली।
दो बच्चे निखिल और निशिका हैं। उन्होंने बताया कि मोटापा कम करने के लिए पुणे में ही जिम ज्वाइन किया। जिम में हर साल 26 जनवरी को सदस्यों के लिए एक रेस होती है। हंसी-हंसी में उन्होंने भी हिस्सा लिया। फर्स्ट आईं तो उनका हौसला बढ़ा और उन्होंने दिल्ली सहित कई मैराथन में हिस्सा लिया। इनमें भी फर्स्ट आईं।
इसके बाद तो उनका आत्मविश्वास सातवें आसमान पर था। पति और परिवार के सहयोग से ही अब वह ‘ग्रेट इंडिया चतुर्भुज रन’ में हिस्सा ले रही हैं। उन्होंने बताया कि रेस के दौरान उनके साथ दो गाड़ियों में रेस ऑपरेशन मैनेजर विनायक वासिरडे, धनराज और फिजियोथेरिपस्ट मोसिन खान चलते हैं। इस रेस में उन्हें देश के चारों कोनों पर जाना है। अब वह कानपुर से दिल्ली, कोलकाता होते हुए चेन्नई, बंगलूरू जाएंगी। यहां से मुंबई पहुंचेंगी।