फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

एक्सक्लूसिव: एसजीएसटी के 200 अफसरों को घर बैठे वेतन, बगैर काम 13.5 करोड़ रुपये से ज्यादा दे चुकी सरकार

Mon, 09 Aug 2021 03:23 PM IST
प्रभापुंज मिश्रा अमित अवस्थी, अमर उजाला, कानपुर
विज्ञापन
जीएसटी ऑफिस कानपुर - फोटो : amar ujala
विज्ञापन
राज्य वस्तु एवं सेवाकर (एसजीएसटी) विभाग में 200 ऐसे अफसर हैं, जो बगैर काम के घर बैठे वेतन उठा रहे हैं। दरअसल, पदोन्नति के बाद इन अफसरों को अभी तक कहीं तैनाती नहीं दी गई है। ट्रेनिंग तीन महीने के बजाय छह महीने की कराई गई। सरकार इन्हें साढ़े 13 करोड़ से ज्यादा रुपये बगैर काम के वेतन के रूप मेें दे चुकी है।
विज्ञापन


24 जून 2020 को विभाग में कार्यरत 120 प्रशासनिक और आशुलिपिक कर्मचारियों को प्रमोशन देकर वाणिज्यकर अफसर बनाया गया था। कुछ समय बाद तीन महीने की ट्रेनिंग दी गई। इसके बाद भी तैनाती न देकर और तीन महीने की ट्रेनिंग कराई गई। यह ट्रेनिंग 19 अप्रैल 2021 तक चली। इसके 13 महीने बाद भी कहीं पोस्टिंग नहीं दी गई।

इसके अलावा विभाग को उत्तर प्रदेश संघ लोक सेवा आयोग 2016 और 2017 बैच के 80 असिस्टेंट कमिश्नर और वाणिज्यकर अफसर अक्तूबर 2020 में मिले थे। इनकी भी ट्रेनिंग छह महीने चली, लेकिन नौ महीने बाद भी कहीं तैनाती नहीं दी गई। एक अफसर का वेतन औसतन 60 हजार रुपये भी मान लें तो इन लोगों को 13.68 करोड़ रुपये वेतन दिया जा चुका है।
विज्ञापन


सूत्रों के अनुसार मौजूदा समय में कानपुर समेत पूरे प्रदेश में 175 अफसर ऐसे हैं, जिनके पास दो-दो खंड का काम है। इसके बाद भी ट्रेनिंग पाए अफसरों को तैनात नहीं किया जा रहा है। वाणिज्यकर मिनिस्टीरियल स्टाफ एसोसिएशन के प्रांतीय संयुक्त मंत्री देवर्षि दुबे और जोनल अध्यक्ष रोहित तिवारी का कहना है कि विभाग में जीएसटी लागू होने के बाद से काम बढ़ गया है।
विज्ञापन

पद खाली हैं। इसके बाद भी यह स्थिति है। अफसर आएंगे तो जांच और राजस्व का काम तेज होगा। वहीं राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के संरक्षक भूपेश अवस्थी का कहना है कि विभाग में 200 से ज्यादा पद खाली हैं। तैनाती न देना हैरान करने वाला मामला है। इन अफसरों को तत्काल तैनाती दी जानी चाहिए।

शहर के पांच अफसर हो गए सेवानिवृत्त
शहर के 10 कर्मचारी वाणिज्यकर अफसर बने थे। इनमें से पांच बिना नई पोस्टिंग पाए ही सेवानिवृत्त हो गए हैं। प्रदेश भर में कुल 30 अफसर सेवानिवृत्त हो चुके हैं। आने वाले महीनों में भी कई अफसर सेवानिवृत्त होने वाले हैं।

पदोन्नति के बाद अधिकारियों को दो तरह की ट्रेनिंग दी जाती है। एक ट्रेनिंग ऑफिस के काम से संबंधित होती है और दूसरी फील्ड से संबंधित। कोरोना की वजह से दोनों ट्रेनिंग समय पर पूरी नहीं हो पाई थी। हालांकि, अब हो गई है। इधर जब पोस्टिंग की बारी आई तो कमिश्नर छुट्टी पर चली गईं। वे बीते एक महीने से छुट्टी पर हैं। इससे तैनाती नहीं हो पा रही है। कमिश्नर के आते ही अधिकारियों को नई तैनाती मिल जाएगी।
शिशिर प्रकाश, संयुक्त आयुक्त (अवस्थापना) एसजीएसटी

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें