पद खाली हैं। इसके बाद भी यह स्थिति है। अफसर आएंगे तो जांच और राजस्व का काम तेज होगा। वहीं राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के संरक्षक भूपेश अवस्थी का कहना है कि विभाग में 200 से ज्यादा पद खाली हैं। तैनाती न देना हैरान करने वाला मामला है। इन अफसरों को तत्काल तैनाती दी जानी चाहिए।
शहर के पांच अफसर हो गए सेवानिवृत्त
शहर के 10 कर्मचारी वाणिज्यकर अफसर बने थे। इनमें से पांच बिना नई पोस्टिंग पाए ही सेवानिवृत्त हो गए हैं। प्रदेश भर में कुल 30 अफसर सेवानिवृत्त हो चुके हैं। आने वाले महीनों में भी कई अफसर सेवानिवृत्त होने वाले हैं।
पदोन्नति के बाद अधिकारियों को दो तरह की ट्रेनिंग दी जाती है। एक ट्रेनिंग ऑफिस के काम से संबंधित होती है और दूसरी फील्ड से संबंधित। कोरोना की वजह से दोनों ट्रेनिंग समय पर पूरी नहीं हो पाई थी। हालांकि, अब हो गई है। इधर जब पोस्टिंग की बारी आई तो कमिश्नर छुट्टी पर चली गईं। वे बीते एक महीने से छुट्टी पर हैं। इससे तैनाती नहीं हो पा रही है। कमिश्नर के आते ही अधिकारियों को नई तैनाती मिल जाएगी।
शिशिर प्रकाश, संयुक्त आयुक्त (अवस्थापना) एसजीएसटी