जिले में 70 हजार से अधिक कार्ड एक्टिव
जिले में 70 हजार से अधिक मनरेगा मजदूरों के कार्ड एक्टिव हैं। ऑनलाइन हाजिरी से पहले ग्राम पंचायतें मैनुअल तरीके से रजिस्टर में मजदूरों की हाजिरी भरती थीं। उनकी उपस्थित का रिकॉर्ड प्रधान और सचिव के अनुसार मनरेगा मजदूर पोर्टल पर भरा जाता था। उसी के अनुसार मजदूरी का भुगतान किया जाता था। इसी में फर्जीवाड़ा किया जाता था।
इस तरह घटे मजदूर
भीतरगांव ब्लॉक में दिसंबर में 1030 मजदूर थे, फरवरी में 526 रह गए।
बिल्हौर ब्लॉक में दिसंबर में 1189 मजदूर थे, फरवरी में 565 रह गए।
चौबेपुर ब्लॉक में दिसंबर में 709 मजदूर थे, फरवरी में 473 रह गए।
घाटमपुर ब्लॉक में दिसंबर में 1161 मजदूर थे, फरवरी में 725 रह गए।
ककवन ब्लॉक में दिसंबर में 474 मजदूर थे, फरवरी में 190 रह गए।
कल्याणपुर ब्लॉक में दिसंबर में 409 मजदूर थे, फरवरी में 171 रह गए।
पतारा ब्लॉक में दिसंबर में 783 मजदूर थे, फरवरी में 148 रह गए।
सरसौल ब्लॉक में दिसंबर में 851 मजदूर थे, फरवरी में 240 रह गए।
शिवराजपुर ब्लॉक में दिसंबर में 1017 थे, फरवरी में 372 रह गए।
बिधनू ब्लॉक में दिसंबर में 553 थे, फरवरी में घटकर 378 रह गए।
काम के हिसाब से मनरेगा मजदूरों को लगाया जाता है। इनकी संख्या घटती, बढ़ती रहती है। हालांकि ऑनलाइन हाजिरी से फर्जीवाड़े पर रोक लगी है। अब कोई फर्जी तरीके से मजदूरों की संख्या नहीं बढ़ा सकेगा। - रमेशचंद्र, उपायुक्त मनरेगा
नंबर गेम
8176 मजदूरों से काम लेना दिखाया गया था दिसंबर में
3788 मजदूर ही बचे फरवरी में