कानपुर देहात के किसानों ने आलू की बुआई की तैयारी शुरू कर दी है। बीज के लिए जिले के करीब 98 किसानों ने उद्यान विभाग में आवेदन किया था। इस हिसाब से जिले में छह सौ क्विंटल बीज की जरूरत है। लेकिन शासन की ओर से महज सौ क्विंटल बीज आवंटित किया गया है, जो किसानों के लिए ऊंट के मुंह में जीरा के बराबर है।
जिले के औसतन करीब 11 हजार किसान 1800 हेक्टेअर में आलू की खेती करते हैं। बुआई के लिए 98 किसानों ने छह क्विंटल आलू के बीज की मांग की थी। सिर्फ सौ क्विंटल ही आलू का बीज भेजा गया। जोकि किसानों के लिए नाकाफी होगा। आलू की बुआई को लेकर किसानों के सामने संकट आ गया है।
किसानों को भटकना पड़ेगा। विभागीय अधिकारी भी मामले में कुछ भी बोलने से इनकार कर रहे हैं। शुक्रवार को उद्यान विभाग में सौ क्विंटल आलू का बीज पहुंच जाएगा। इसके बाद बीज किसानों में बांटा जाएगा। किसान को 3150 रुपये क्विंटल के हिसाब से बीज मिलेगा।
पिछले साल से कम आया आलू बीज
कानपुर देहात। पिछले साल के सापेक्ष इस बार आलू का बीज कम आया है। 2019 में जिले में आलू की खेती के लिए शासन की ओर से दो सौ क्विंटल बीज आया था। इस बार महज सौ क्विंटल ही आलू का बीज आया। ऐसे में किसानों के सामने आलू की फसल करने में दिक्कत होगी। किसानों को मजबूरन महंगे दामों पर आलू का बीज खरीदना पड़ेगा।
इस बार शासन की ओर से आलू का बीज कम आया है। जबकि जरूरत ज्यादा थी। आलू का बीज आने के बाद किसानों को दे दिया जाएगा।
सुभाष चंद्रा, जिला उद्यान अधिकारी