राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद के साथ श्याम बिहारी मिश्र (फाइल फोटो)
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पूर्व सांसद और व्यापारी नेता श्याम बिहारी मिश्रा का अंतिम संस्कार बुधवार को कोविड प्रोटोकॉल के तहत भैरोघाट स्थित विद्युत शवदाह गृह में किया गया। पार्थिव शरीर पर व्यापार मंडल का झंडा डाला गया था। एंबुलेंस के आगे एक वाहन चल रहा था जिसमें श्याम बिहारी का चित्र लगा था।
प्रशासन की ओर से मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. अनिल मिश्र मधुराज अस्पताल से घाट तक गए। इसके अलावा पूर्व सांसद जगतवीर सिंह द्रोण, भाजपा जिलाध्यक्ष सुनील बजाज, विधान परिषद सदस्य अरुण पाठक, पूर्व विधायक सतीश निगम, रामजी त्रिपाठी सहित व्यापार मंडल के पदाधिकारी और परिवारीजन मौजूद रहे।
वहीं इस दौरान मंडल पदाधिकारियों ने अपने व्यापारी नेता को जिला प्रशासन की ओर से गार्ड ऑफ ऑनर सम्मान ना दिए जाने पर नाराजगी जताई। अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए गाजियाबाद, हरदोई, फिरोजाबाद, रायबरेली, महोबा , झांसी आदि जिलों से व्यापारी नेता आए थे।
राष्ट्रपति, उनकी पत्नी ने दुख जताया
राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने श्याम बिहारी मिश्रा के बेटे मुकुंद मिश्रा से फोन पर बातकर अपनी संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि पंडित जी का जाना हमारी व्यक्तिगत क्षति है। हमारा मिश्रा जी से संबंध 1991 से रहा है। पिछले दिनों हुई वार्ता में हमने कहा था कि पंडित जी जब कोरोना संक्रमण खत्म हो जाए।
तब आपको राष्ट्रपति भवन बुलाऊंगा। आपके साथ हमारी व्यक्तिगत मित्रता है। राष्ट्रपति ने कहा कि यह दुखद समाचार जब हमारी श्रीमती को पता चली तो उन्होंने कहा कि अरे वही पंडित जी जो सिर्फ दाल रोटी खाकर रहते हैं। और इतनी भागदौड़ करते रहते हैं। इस दुख के समय में हमारी पूरी संवेदना परिवार के साथ है।