मेजर ध्यानचंद स्पोर्ट्स स्टेडियम के छात्रावास में गंदगी, खाने-पीने समेत तमाम अव्यवस्थाओं को लेकर सोमवार को खिलाड़ी छात्र नारेबाजी कर रहे थे। इस दौरान एक सिपाही ने खिलाड़ी को डंडा मार दिया। इस पर छात्रों ने थाने का घेराव करके सिपाही के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। जाम लगाने का भी प्रयास किया। सूचना पर पहुंचे थाना प्रभारी, एसडीएम और सीओ ने छात्रों को सभी समस्याओं का समाधान कराने का आश्वासन देकर शांत कराया। साथ ही सिपाही से माफी भी मंगवाई।
मेजर ध्यानचंद स्पोर्ट्स कॉलेज में लगभग 450 खिलाड़ी हैं। छात्रावास में रहने वाले छात्र लंबे समय से बिजली, पानी, मेस में खाने व गंदगी से छात्र जूझ रहे हैं। इसे लेकर सोमवार को छात्रों का गुस्सा फूट पड़ा। छात्र हॉस्टल के बाहर निकलकर सैफई गोल चक्कर के पास थाने के सामने धरना प्रदर्शन करने लगे। इस पर प्रभारी निरीक्षक कपिल दुबे पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंच गए। छात्रों को समझने का प्रयास किया। इस बीच एक सिपाही ने एथलेटिक्स के नेशनल खिलाड़ी राहुल यादव कक्षा 12 को डंडा मार दिया। इससे छात्रों का गुस्सा बढ़ गया और बड़ी संख्या में एकत्रित होकर थाने के अंदर पहुंचकर हंगामा करने लगे।
सूचना पर स्पोर्ट्स कॉलेज की प्रभारी प्रधानाचार्य एसडीएम दीप शिखा सिंह, सीओ शैलेंद्र प्रताप गौतम थाने पहुंचे। करीब दो घंटे तक छात्रों को समझने का प्रयास किया। छात्र सिपाही के माफी मांगने एवं बुनियादी समस्याओं से निजात दिलाने की बात करते रहे। छात्रों ने बताया कि लंबे समय से समस्याओं से जूझना पड़ रहा है। मेन्यू के हिसाब से न तो खाना मिलता है और न ही यहां पर खेलने के उपकरण हैं। छात्रों का कहना था कि दाखिले के समय लिखित में बताया गया था कि यहां पर नाई और धोबी के साथ अन्य संसाधन रहेंगे, लेकिन कोई भी सुविधा नहीं मिल रही है।
पीने का पानी बड़ी समस्या है। मेस में जाते हैं तो बिजली कट जाती है। शौचालय में गंदगी के ढेर लगे रहते हैं। कभी सफाई कर्मचारी भी नहीं आता है। छात्रों को खुद ही सफाई करनी पड़ती है। फुटबॉल ग्राउंड नहीं है। जब शांत तरीके से प्रदर्शन कर रहे थे, तबसिपाही ने नेशनल खिलाड़ी के साथ मारपीट की है। इस मौके पर राहुल, शैलेंद्र, वसीम सत्येंद्र,पंकज, निशांत आदि शामिल रहे।
कॉलेज के बाबू पर लगाया भ्रष्टाचार का आरोप
स्पोर्ट्स कॉलेज के छात्रों ने कॉलेज के बाबू पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाया। बताया कि बजट का बंदरबाट किया जाता है। खिलाड़ियों को न तो खेल उपकरण उपलब्ध कराए जाते हैं और न ही यूनीफार्म व अन्य सामग्री। जब इस संबंध में बाबू से बात करने पर गाली देकर भगा देते हैं।
नियमित प्रधानाचार्य की भी उठी मांग
स्पोर्ट्स कॉलेज के छात्रों ने नियमित प्रधानाचार्य की मांग की। वर्तमान में एसडीएम के पास प्रधानाचार्य का कार्यभार है। वह कभी-कभार आती हैं। छात्र बोले-आखिर किसे अपनी समस्याएं बताएं।