इटावा जिले में शनिवार सुबह बारिश में सैफई क्षेत्र के मुचेरा गांव एक मकान की कच्ची दीवार भरभरा कर गिर गई। इसके मलबे में दबकर केतकी देवी (70) की मौत हो गई। वहीं, बसरेहर इलाके के बीना गांव में दो मकानों के गिरने से एक महिला समेत तीन लोग घायल हो गए।
तीनों को सैफई मेडिकल यूनिवर्सिटी में भर्ती कराया गया है। जहां एक की हालत नाजुक बताई गई है। मुचेरा गांव निवासी हरिओम के मुताबिक उनकी मां केतकी देवी छप्पर के नीचे चारपाई पर बैठी थीं। सुबह करीब नौ बजे तेज बारिश के दौरान घर की कच्ची दीवार भरभरा कर गिर गई।
मां और गृहस्थी का सामान मलबे में दब गया। मां की चीख व दीवार गिरने की आवाज सुनकर परिवार व आसपास के लोग मौके पर पहुंचे। सभी ने मिलकर मलबे के बीच दबीं मां को बाहर निकाला, लेकिन तब तक उनकी सांसे थम चुकी थीं।
हादसे की सूचना पाकर थाना प्रभारी मोहम्मद हमीद सिद्दीकी और राजस्व विभाग टीम गांव पहुंची। राजस्व टीम ने दीवार गिरने से हुए नुकसान का आकलन किया। एसडीएम एन.राम ने बताया कि मृतका के आश्रितों को मुख्यमंत्री सहायता कोष से चार लाख रुपये की आर्थिक मदद जल्द प्रदान की जाएगी।
यदि मृतका के नाम जमीन होगी, तो कृषक दुर्घटना बीमा योजना का भी लाभ आश्रित को दिलाया जाएगा। इधर पुलिस ने मृतका के शव को पोस्टमार्टम के बाद परिजनों को सौंप दिया। इसी प्रकार बारिश के दौरान ही बसरेहर क्षेत्र के बीना गांव में दो किसानों के घर गिर गए।
गांव के रमेश चंद्र सक्सेना ने बताया कि खेतीबाड़ी करते हैं। शुक्रवार रात पत्नी चंद्रवती के साथ पौत्र भाले व सनी घर के पीछे वाले कमरे में सो रहे थे। बेटा-बहू दूसरे कमरे में थे। शनिवार तड़के हुई तेज बारिश के दौरान पीछे वाले कमरे की छत ढह गई।
उसके मलबे में पत्नी व दोनों पौत्र दब गए। ग्रामीणों की मदद से मलबे में दबीं पत्नी व दोनों बच्चों को बाहर निकाला। इन सभी घायलों को सैफई मेडिकल यूनिवर्सिटी में भर्ती कराया है। अस्पताल में भोले की हालत नाजुक बनी हुई। रमेश के घर में मलबे में गृहस्थी को भी काफी नुकसान हुआ है।
वहीं बारिश के चलते बसरेहर क्षेत्र के ही अहलादपुर गांव निवासी अनिल तिवारी के कमरे की छत गिर गई। इससे कमरे में रखा दस क्विंटल भूसा व अन्य सामान नष्ट हो गया। गनीमत रही की छत गिरने के दौरान कमरे में कोई मौजूद नहीं था।