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कानपुर : दलित का मकान कब्जा कराने के मामले में यादव मार्केट की पूरी चौकी लाइन हाजिर, 14 पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई

Wed, 23 Mar 2022 12:27 AM IST
सुशील कुमार माई सिटी रिपोर्टर, कानपुर

सार

बर्रा निवासी महादेव के मकान पर उमराव नाम के शख्स ने फरवरी में कब्जा कर लिया था। कब्जे के दौरान पुलिसकर्मियों की मौजूदगी थी। मामले की शिकायत उच्चाधिकारियों तक पहुंची थी। जिसके बाद एडीसीपी साउथ मनीष सोनकर को जांच सौंपी गई थी।
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Social Media
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विस्तार
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बर्रा में दलित परिवार को प्रताड़ित कर उसका मकान कब्जा कराने के मामले में डीसीपी साउथ ने मंगलवार रात कार्रवाई करते हुए यादव मार्केट चौकी लाइन हाजिर कर दी। चौकी पर तैनात इंचार्ज समेत तीन दरोगा, चार हेड कांस्टेबल और सात सिपाहियों को लाइन हाजिर किया। इन सभी के खिलाफ विभागीय जांच के आदेश दिए गए हैं। 

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वहीं एसीपी गोविंद नगर व बर्रा इंस्पेक्टर की भूमिका की जांच जारी है। बर्रा निवासी महादेव के मकान पर उमराव नाम के शख्स ने फरवरी में कब्जा कर लिया था। कब्जे के दौरान पुलिसकर्मियों की मौजूदगी थी। मामले की शिकायत उच्चाधिकारियों तक पहुंची थी। जिसके बाद एडीसीपी साउथ मनीष सोनकर को जांच सौंपी गई थी। शुरुआती जांच के बाद एडीसीपी ने पूरी चौकी पर कार्रवाई की संस्तुति की थी। जिसके बाद डीसीपी साउथ रवीना त्यागी ने 14 पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई करते हुए लाइन हाजिर कर दिया। इन सभी के खिलाफ विभागीय जांच भी होगी। उस आधार पर उनको दंडित किया जाएगा। जो वीडियो में पुलिसकर्मी दिख रहे हैं, उन पर केस भी दर्ज हो सकता है।

इन पुलिसकर्मियों पर हुई कार्रवाई
यादव मार्केट चौकी इंचार्ज आशीष कुमार मिश्रा, ट्रेनी दरोगा राहुल कुमार गौतम व जयवीर सिंह, हेड कांस्टेबल गणेश कुमार, कमलापति, प्रदीप कुमार शिव प्रताप और सिपाही लोकेश कुमार, नवनीत राजपूत, अश्वनी कुमार, भूपेंद्र दीक्षित, नागेंद्र सिंह चौहान, अतुल कुमार व जितेंद्र सिंह पर कार्रवाई की गई है।
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ये है पूरा मामला
बर्रा निवासी महादेव ने 2014 में अपने मकान को बेचने के लिए उमराव नाम के शख्स से 35 लाख रुपये में डील की थी। उमराव ने 10 लाख रुपये और आठ लाख की कीमत के प्लॉट की रजिस्ट्री महादेव के नाम कर दी थी। इसके बाद महादेव ने अपने मकान की रजिस्ट्री उमराव को कर दी। बाकी की रकम न मिलने पर महादेव ने कब्जा नहीं छोड़ा था। इस पर उमराव ने प्लॉट की रजिस्ट्री फर्जी बताकर महादेव पर केस कराया। महादेव ने भी सिविल केस दायर कर दिया। दिसंबर 2021 में उमराव ने कोर्ट को गुमराह करते हुए दावा किया कि मकान पर उसी का कब्जा है। इस आधार पर कोर्ट ने उसके पक्ष में आदेश दे दिया। इसके बाद 23 फरवरी को उमराव ने मकान पर कब्जा कर महादेव के परिवार को बेघर कर दिया।

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