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कानपुर: क्रॉसिंगों के जाम से आजादी दिलाएंगे एलिवेटेड रेलवे ट्रैक, सर्वे के लिए 46.50 लाख रुपये मिले

Thu, 24 Mar 2022 10:52 AM IST
शिखा पांडेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर

सार

रेलवे बोर्ड अनवरगंज-मंधना रेलवे लाइन को एलिवेटेड करने के लिए सर्वे कराएगा। सर्वे के बाद पता चलेगा कि एलिवेटेड ट्रैक बन सकता है या नहीं। बाकी दो विकल्पों में एक विकल्प बिठूर में गंगा नदी पर रेलवे पुल बनाकर सफीपुर से जोड़ने का सर्वे 15 साल पहले हो चुका है।
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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कानपुर में अनवरगंज-मंधना रेलवे लाइन की 18 क्रॉसिंग के साथ ही कानपुर-झांसी रूट पर क्रासिंग की वजह से लगने वाले जाम से निजात दिलाने की दिशा में रेलवे बोर्ड ने प्रयास शुरू कर दिए हैं। उम्मीद है कि दो से तीन साल में इस समस्या से छुटकारा मिल जाएगा।
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इसके लिए रेलवे बोर्ड ने दो अहम प्रोजेक्ट (एलिवेटेड रूट) शुरू कराने की दिशा में काम शुरू कर दिया है। अनवरगंज-मंधना रेलवे लाइन पर क्रॉसिंगों को खत्म करने के लिए एलिवेटेड ट्रैक की गुंजाइश तलाशी जा रही है। रेलवे बोर्ड ने 46.50 लाख रुपये भी सर्वे कराने के लिए जारी कर दिए हैं।

वहीं, भीमसेन से कानपुर के झकरकटी रेलवे ओवरब्रिज के पहले रेलवे लाइन तक फ्लाईओवर बनाने के लिए 20 करोड़ रुपये जारी कर दिए गए हैं। इसका काम शुरू कराया जा रहा है। लोकसभा चुनाव 2024 के पहले ये दोनों सौगातें शहरवासियों को मिलने की उम्मीद है।
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सर्वे के बाद विकल्प पर तस्वीर होगी साफ
रेलवे बोर्ड अनवरगंज-मंधना रेलवे लाइन को एलिवेटेड करने के लिए सर्वे कराएगा। सर्वे के बाद पता चलेगा कि एलिवेटेड ट्रैक बन सकता है या नहीं। बाकी दो विकल्पों में एक विकल्प बिठूर में गंगा नदी पर रेलवे पुल बनाकर सफीपुर से जोड़ने का सर्वे 15 साल पहले हो चुका है।

रेलवे के पास इस बात की संभावना बहुत पहले से है कि इस नए रूट को जोड़ा जा सकता है। इसके जुड़ जाने से अनवरगंज-मंधना रेलवे लाइन का लोड भी कम हो जाएगा और उन्नाव होते हुए लखनऊ, हरदोई, उन्नाव और प्रयागराज का नया रूट भी मिल जाएगा।

अगर अनवरगंज-मंधना रेलवे लाइन पर एलिवेटेड ट्रैक बनने की गुंजाइश बनती है, तो यह भी बन सकता है। इससे मंधना से कानपुर वाली ट्रेनें रेलवे पुल से ऊपर-ऊपर ही अनवरगंज तक आ जा सकेंगी। 18 क्रॉसिंग की वजह से जाम की समस्या तो खत्म होगी ही, बिठूर गंगा नदी के रेलवे पुल के तौर पर एक नया रूट भी मिल जाएगा।

एक विकल्प मंधना से पनकी को जोड़ने का है, लेकिन इसमें रेलवे की बहुत ज्यादा दिलचस्पी नहीं है। क्योंकि नए सिरे से एक रूट को हटाकर शहर के बीच से एक नया रेलवे ट्रैक बिछाना उसे तर्क संगत नहीं लग रहा है। जमीन अधिग्रहण करना, फिर अनवरगंज-फर्रुखाबाद रेलवे रूट की ट्रेनों का अतिरिक्त लोड पनकी होते हुए दिल्ली-हावड़ा रूट पर डालने में मामला पेचीदा है। इससे मेन रूट की ट्रेनों का परिचालन प्रभावित हो सकता है।

 
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रेलवे फ्लाईओवर में गोविंदपुरी कच्ची बस्ती बड़ी बाधा
रेलवे बजट में भीमसेन कानपुर रेलवे फ्लाईओवर का काम शुरू कराने के लिए 20 करोड़ रुपये जारी कर दिए गए हैं। यह प्रोजेक्ट 1700 करोड़ रुपये से पूरा होना है। इस काम में सबसे बड़ी बाधा गोविंदपुरी रेलवे स्टेशन के पास अवैध कच्ची बस्ती है। यहां पर करीब साढ़े चार हजार झुग्गी झोपड़ियां हैं, जो रेलवे की जमीन पर अनधिकृत रूप से बनी हुई हैं।

अब रेलवे के लिए सबसे बड़ी चुनौती इनको हटाना है। रेलवे के प्रयागराज मंडल के डीआरएम ने इसकी रिपोर्ट भी रेलवे बोर्ड को दी थी कि कच्ची बस्ती के हटाए बिना फ्लाईओवर नहीं बनाया जा सकता है। अब इसका काम शुरू होना है तो रेलवे सुरक्षा बल इसे भी प्रशासन की मदद से हटवाएगा। इसके बन जाने से मुंबई, झांसी रूट की ट्रेनें सीधे भीमसेन से कानपुर एलिवेटेड ट्रैक से आ जाएंगी।

नंबर गेम
1700 करोड़ से बनना है ट्रेनों के लिए फ्लाईओवर, 200 करोड़ जारी
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