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खामी: बिना डिवाइडर एक ही जगह मिल रही एलिवेटेड व सर्विस लेन, हादसे के बाद निरीक्षण करने पहुंची विभागों की टीमें

Wed, 16 Oct 2024 10:58 AM IST
हिमांशु अवस्थी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर

सार

Kanpur News: अधिकारियों ने टक्कर मारने वाला ट्रॉला के टायर का प्रेशर, फिटनेस,उस पर लदी सरिया का अनुमानित भार,डंपर के अंदर मिली चीजों का ब्यौरा जुटाया। जांच का फोकस कार को पीछे से टक्कर मारने वाले ट्रॉले पर ही रहा।
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चौकी में खड़े डंपर की जांच करती एनएचएआई की टीम - फोटो : amar ujala
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विस्तार
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कानपुर में भौंती एलिवेटेड पर सोमवार सुबह हुए हादसे में पीएसआईटी के चार छात्रों समेत पांच लोगों की मौत के मामले में मंगलवार को सेव लाइफ फाउंडेशन, डीसीपी ट्रैफिक,अपर जिलाधिकारी, एनएचएआई,आरटीओ और लोक निर्माण विभाग की टीमों ने अलग-अलग घटनास्थल का निरीक्षण किया। इसमें कई खामियां सामने आईं। पाया गया कि एलिवेटेड लाइन और सर्विस लेन एक ही जगह पर मिल रहीं हैं।

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यहां पर कोई डिवाइडर नहीं है। ऐसे में मामूली चूक भी बड़े हादसे का कारण बनती है। इसके अलावा यहां पर संकेतांक भी नहीं लगे हैं। टीम ने यह भी माना कि हादसे की वजह डंपर चालक का एकदम से ब्रेक लगाना भी रहा है। उधर, दूसरी ओर बुधवार को मंडलायुक्त अमित गुप्ता एनएचएआई अधिकारियों के साथ इसी मुद्दे पर बैठक भी करेंगे।
मंगलवार सुबह आरटीओ अधिकारी पनकी स्थित घटनास्थल के बाद पनकी इंडस्ट्रियल एरिया चौकी पहुंचे। जहां दुर्घटनाग्रस्त तीनों वाहनों के फोटोग्राफ,एफआईआर की कॉपी और गाड़ियों के कागज देखे। फिटनेस,लोडिंग क्षमता व प्रदूषण संबंधी कागज देखे। इसके कुछ देर बाद ही एनएचएआई की तीन सदस्यीय टीम दिल्ली से घटनास्थल पहुंची।

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फोकस कार को पीछे से टक्कर मारने वाले ट्रॉले पर
मौका मुआयना कर रिपोर्ट बनाई। अधिकारियों ने टक्कर मारने वाला ट्रॉला के टायर का प्रेशर, फिटनेस,उस पर लदी सरिया का अनुमानित भार,डंपर के अंदर मिली चीजों का ब्यौरा जुटाया। जांच का फोकस कार को पीछे से टक्कर मारने वाले ट्रॉले पर ही रहा। हालांकि इस संबंध में टीमों ने कुछ नहीं बताया।

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यह बिंदु सामने आए
सेव लाइफ फाउंडेशन,डीसीपी ट्रैफिक,अपर जिलाधिकारी,एनएचएआई,आरटीओ और लोक निर्माण विभाग की टीमों की जांच में भौती हादसे के संबंध में निम्नलिखित बिंदु सामने आए हैं,
  • इंजीनियरिंग छात्र जिस कार में सवार थे वह पूर्णत- क्षतिग्रस्त हो गई है। जिसका रजिस्ट्रेशन कानपुर आरटीओ में 13 जुलाई 2018 का है, जो कि विजय साहू के नाम से पंजीकृत है। बीमा 29 जून 2025 तक और प्रदूषण 1 जुलाई 2025 तक वैद्य है।
  • जिस डंपर ( ट्रिप टेलर) में कार भिड़ी वह लखनऊ में 19 जनवरी 2024 को पंजीकृत है। यह मेसर्स देवलोक एजेंसी प्रा.लि. के नाम पर है जो मंदिर मार्ग विस्तार महानगर लखनऊ निवासी अवधेश कुमार सिंह द्वारा संचालित है। फिटनेस 15 जनवरी 2026, बीमा 8 जनवरी 2025 व प्रदूषण 30 नवंबर 2024 तक वैद्य है जबकि टैक्स 31 दिसंबर 2024 तक का जमा है। जांच में इसके ब्रेक भी ठीक पाए गए।
  • मेन लेन और सर्विस लेन के बीच डिवाइडर भी फ्लाईओवर रैंप पर ही समाप्त हो रहा है। इसे बढ़ाना जरूरी बताया है। इसके अलावा फ्लाई ओवर से उतरते समय संबल स्ट्रिप व रोड मर्जर इत्यादि के साइन बोर्ड लगाए जाने चाहिए।
  • भौंती बाईपास ढलान पर तीन रंबल स्ट्रिप बने हुए हैं, गति सीमा का बोर्ड भी नहीं लगा है। ढलान पर एलिवेटेड रोड पर डिवाइडर वॉल समाप्त हो जाती है, जिससे लोग यूटर्न लेते हैं। डिवाइडर वॉल को सचेंडी की तरफ 100 मीटर तक बढ़ाने की आवश्यकता है।
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