जब तक स्मार्ट मीटरों पर रोक लगी है, तब तक नए कनेक्शन लेने या खराब मीटर को बदलने पर पोस्टपेड इलेक्ट्रानिक मीटर ही लगेंगे। स्मार्ट मीटरों पर रोक हटने के बाद सभी इलेक्ट्रानिक मीटर बदल दिए जाएंगे। जिनके घर मीटर रीडर आता है, वे नहीं हैं स्मार्ट मीटर उपभोक्ता तमाम उपभोक्ताओं को यह जानकारी नहीं है कि उनके घर में लगा मीटर इलेक्ट्रानिक है या पोस्टपेड स्मार्ट मीटर।
अभी जो कवायद चल रही है, वह पोस्टपेड स्मार्ट मीटर उपभोक्ताओं के लिए है। बाकी लोगों के मीटर अभी प्रीपेड नहीं हो रहे हैं। जिन घरों में मीटर रीडर आकर बिल बनाता है, वह इलेक्ट्रानिक पोस्टपेड मीटर वाले उपभोक्ता हैं। स्मार्ट मीटर की रीडिंग के लिए घरों-दुकानों में मीटर रीडर नहीं आता है। इन उपभोक्ताओं के मोबाइल पर कितना बिल आया है, कितनी यूनिट खर्च हुई और कब तक बिल जमा करना है, का मैसेज आता है।
अभी पोस्टपेड स्मार्ट मीटरों को प्रीपेड करने की व्यवस्था शुरू की गई है। मार्च में 85 हजार मीटरों को प्रीपेड करने का लक्ष्य है। इसके लिए मीटर बदलने की जरूरत नहीं होगी बल्कि यह ऑनलाइन ही हो जाएगा। उपभोक्ता के मोबाइल पर मैसेज भेजकर जानकारी दी जाएगी कि उनका मीटर अब प्रीपेड हो गया है, रीचार्ज कराएं। इसके बाद स्मार्ट मीटरों पर लगी रोक हटाने की प्रक्रिया शुरू होगी, क्योंकि कानपुर का सर्वर प्रदेश के अन्य स्मार्ट मीटरों के सर्वर से स्वतंत्र है।
अनिल ढींगरा, प्रबंध निदेशक, केस्को