जाहिर सी बात है कि उनके संगठन कौशल की परीक्षा भी इस चुनाव में होगी। हालांकि अजीत सिंह बब्बन को संगठन में काम करने का लंबा अनुभव है। सपा ने बीती मार्च में ही जिलाध्यक्ष बदला है। पार्टी के वरिष्ठ नेता शराफत अली को जिलाध्यक्ष बनाया गया है। शराफत अली चौथी बार जिलाध्यक्ष बने हैं।
नई रणनीति बनाकर काम कर रहे हैं कार्यकर्ता
उन्हें न सिर्फ संगठन का बल्कि चुनावी राजनीतिक का भी लंबा अनुभव है। पिछले दो लोकसभा चुनावों से हरदोई में हार रही सपा को जिताने की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी उनके हवाले की गई है। वह कार्यकर्ताओं को एक जुटकर नए सिरे से चुनावी रणनीति बनाकर काम भी कर रहे हैं, लेकिन कहीं न कहीं चुनाव परिणाम ही उनका भविष्य तय करेंगे।
राजेश्वर सिंह को माना जाता है बसपा के कैडर का कार्यकर्ता
बसपा ने बीते सोमवार की रात ही लोकसभा चुनाव की तैयारियों के बीच जिलाध्यक्ष बदला है। सवायजपुर विधानसभा क्षेत्र के बसपा अध्यक्ष राजेश्वर सिंह कुशवाहा को पार्टी का नया जिलाध्यक्ष बनाया गया है। राजेश्वर सिंह को भी बसपा के कैडर का कार्यकर्ता माना जाता है।
बसपा का प्रदर्शन तय करेगा भविष्य
वह दो दशक तक ग्राम प्रधान भी रहे हैं। संगठन के विभिन्न पदों पर काम कर चुके राजेश्वर कुशवाहा को ऐन चुनाव के वक्त पार्टी ने जिम्मेदारी सौंपी है। फिलहाल तो बसपा का प्रत्याशी तय करना ही सबसे बड़ी चुनौती है। चुनाव में बसपा का प्रदर्शन कहीं न कहीं राजेश्वर का भविष्य भी तय करेगा।