रसूलाबाद (कानपुर देहात)। बीडीसी चुनाव के लिए नामांकन पत्र दाखिल करने के बाद पूर्व ब्लाक प्रमुख रहे कुलदीप यादव की पांच दिन बाद हालत बिगड़ गई। उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई। वहीं दो मई को आए परिणाम में वह 249 मतों से जीत गए।
भाजपा नेता व रसूलाबाद के पूर्व ब्लाक प्रमुख कुलदीप यादव ने पंचायत चुनाव में बर्रा ठर्रा, पत्नी रूपरानी ने इटैली, बेटे सौरभ यादव ने बरिगौ से क्षेत्र पंचायत चुनाव के लिए नामांकन किया था। बेटी अर्पिता यादव सहवाजपुर से प्रधान पद के लिए चुनाव मैदान में उतरी थी। रूपरानी के सामने किसी के नामांकन पत्र दाखिल न करने से वह निर्विरोध चुनी गई।
इधर, नामांकन के दूसरे दिन कुलदीप यादव की तबियत बिगडने के बाद उन्हें कानपुर के निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। उपचार के दौरान 19 अप्रैल को उनकी मौत हो गई। पति के अंत्येष्टि के बाद पत्नी रूपरानी की अचानक हालत बिगड़ गई। कानपुर के निजी अस्पताल में 24 अप्रैल को उन्होंने उपचार के दौरान दम तोड़ दिया। दो मई को पंचायत चुनाव के परिणाम आए तो जिंदगी की जंग हारे पति-पत्नी चुनावी जंग जीत गए।
परिवार व समर्थकों में काफी दुख देखने को मिल रहा है। बेटा बीडीसी 431 व बेटी भी 400 वोटों से प्रधान का चुनाव जीत गई। परिवार को चुनावी जीत से ज्यादा माता पिता की मौत का गम छाया हुआ है। बेटे सौरभ का कहना है कि पिता की तरह वह भी क्षेत्र के लोगों का सम्मान व विकास करेंगे। लोगों के बीच पिता की कमी को दूर करने का प्रयास किया जाएगा।
पूर्व ब्लाक प्रमुख व उनकी पत्नी के निधन के बाद अब दोनों जगहों पर उपचुनाव कराएं जाएंगे। राज्य निर्वाचन आयोग के निर्देश पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। अंजू वर्मा, एसडीएम रसूलाबाद