औरैया जिले में सदर विकास खंड की गांव द्वारिकापुर स्थित अस्थायी गोशाला में बुधवार को आठ गोवंश मृत पाए गए। जबकि तीन की हालत मरणासन्न दिखी। गोवंशों की मौत की जानकारी होते ही सीडीओ, बीडीओ व एडीओ पंचायत ने मौके पर पहुंचकर गोवंशों की इतनी अधिक संख्या में हुई मौत की जानकारी ली।
साथ ही सूचना पर पहुंचे पशु चिकित्सकों ने मृत पशुओं का पोस्टमार्टम किया, इसके उपरांत उन्हें वहीं गड्ढा खोदकर मिट्टी में दबा दिया गया। इस मामले में पशु चिकित्सकों ने गोवंशों की मौत का कारण सांड़ व गोवंश में हुई आपसी लड़ाई के चलते लगी चोट को वजह बताया।
गांव द्वारिकापुर स्थित अस्थायी गोशाला में बुधवार को पहुंचने पर गोशाला परिसर में कई जगह पर गोवंश मृत अवस्था में पड़े दिखाई दिए। यही नहीं लोगों ने गोशाला में जानवरों के लिए मानक अनुसार चारा भी न दिए जाने की जानकारी दी गई। उधर गोवंशों की मौत की जानकारी होते ही सीडीओ बृजकिशोर पाठक ने गोशाला पहुंचकर मृत गोवंशों की जानकारी ली।
इसके बाद पहुंचे बीडीओ सदर ब्लॉक अनिल गुप्ता व एडीओ पंचायत सुरेश चंद्र पांडेय ने मौके पर जांच-पड़ताल की। साथ ही सूचना पर पहुंचे पशु चिकित्साधिकारी डॉ.मोहर सिंह व डॉ.कोमल सिंह ने मृत गोवंशों का पोस्टमार्टम कराया। बाद में सभी आठ मृत गोवंशों के शव को गोशाला से थोड़ी दूर गड्ढा खोदकर जमीन में गड़वा दिए गए।
इस संबंध में पशु चिकित्सकों ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में सभी गोवंशों के शरीर में अंदरुनी चोटें पाईं गईं। जिसमें सांड़ और गोवंशों के बीच हुई लड़ाई से चोट लगना पाया गया। वहीं उन्होंने यह भी बताया कि गोशाला में मौजूद गोवंशों को मानक अनुसार चारा नहीं मिल पाने से वह कमजोर हो रहे हैं।
उधर मौके पर मौजूद सेक्रेटरी सुनील कुमार ने बताया कि शासन से प्रति गोवंश 30 रुपये चारा पानी का निर्धारित है। उनकी गोशाला में साढ़े तीन सौ गोवंश हैं। ऐसे में इतनी कम धनराशि में वह कहां से पर्याप्त चारा-पानी की व्यवस्था कर पाएंगे। बताया कि इस संबंध में जिले के अधिकारियों को जानकारी भी दी जा चुकी है।