कानपुर में परेड का रावण आकर्षण का केंद्र रहा। रिमोट से 85 फीट के रावण का दहन किया गया। यहां रामलीला का मंचन भी किया गया। वहीं शहर में जगह-जगह आतिशबाजी भी हुई।
बुराइयों पर अच्छाइयों के प्रतीक दशहरे का पर्व कोविड नियमों को ध्यान में रखकर धूमधाम से मनाया गया। शहर में रावण, कुंभकर्ण और मेघनाद के पुतले जलाए गए। रावण का पुतला जलते ही श्रीराम के जयकारे गूंज उठे। लाजपत नगर में इस बार 45 फीट का पुतला दहन किया गया।
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परेड का रावण आकर्षण का केंद्र रहा। रिमोट से 85 फीट के रावण का दहन किया गया। यहां रामलीला का मंचन भी किया गया। वहीं शहर में जगह-जगह आतिशबाजी भी हुई। श्री छावनी रामलीला कमेटी की ओर से रेल बाजार में 45 फीट का रावण का पुतला फूंका गया।
कमेटी के अध्यक्ष सिद्धार्थ काशीवार ने बताया कि मैदान के आसपास खाने के स्टॉल नहीं लगाए गए, ताकि मैदान के अंदर भीड़ न लग सके। श्रीराम लीला समिति छोटा सेंटर पार्क शास्त्री नगर में भी 45 फीट का पुतला फूंका गया।
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समिति के सर्वेश शुक्ला बमबम ने बताया कि आतिशबाजी आकर्षण का मुख्य केंद्र रही। चिड़ियाघर अमरूद मंडी में 40 फीट का पुतला दहन किया गया। कैलाश मंदिर शिवाला में 38 फीट का पुतला दहन किया गया।