रूरा। आरओबी का मुख्य सेतु बनाया जाना है। इसके लिए बड़ी क्रेन शुक्रवार को उपलब्ध करा दी गई। शनिवार को ब्लॉक(ट्रैक पर तय समय के लिए ट्रेनों का आवागमन रोकना) नहीं मिला। इसकी वजह से डीएफसीसी की ओर से लोहे के गार्डर रखने का काम शुरू नहीं हो सका।
नगर में आरओबी का कार्य साढ़े चार साल बीतने के बाद भी पूरा नहीं हो सका है। पिछले दिनों व्यापार प्रतिनिधि मंडल पदाधिकारियों ने अतिरिक्त मजिस्ट्रेट को ज्ञापन सौंपा था। इसपर डीएफसीसी व सेतु निगम के अफसरों ने दो माह में काम पूरा कराने की बात कही थी। केबिन के पास रेलवे लाइन पर मुख्य सेतु निर्माण के लिए पिलर बनाने का काम पूरा हो चुका है। अब इसपर गार्डर रखे जाने हैं।
शुक्रवार सुबह बड़ी क्रेन केबिन के पास कार्यस्थल पर पहुंच गई। शनिवार को डीएफसीसी अफसरों ने ब्लॉक की मांग की। हालाकि उसने सुझाए समय के अनुसार कंट्रोलर से ब्लॉक नहीं मिल सका। इसकी वजह से मुख्य सेतु पर गार्डर रखने का काम शुरू नहीं हो सका। बता दें कि मुख्य सेतु के गार्डर रखे जाने के बाद जल्द आरओबी संचालन की उम्मीद बढ़ जाएगी।
आरओबी अधूरा होने से अंडरपास से राहगीर निकलते हैं। इससे जाम लगता है और जलभराव पर आवाजाही में दिक्कत आती है। डीएफसीसी के स्थानीय प्रबंधक अमित कनौजिया ने बताया कि गार्डर उठाकर पिलर पर रखने के लिए क्रेन उपलब्ध हो गई है। गार्डर रखने का काम पूरा होने पर स्लैब डाली जाएगी। ब्लॉक नहीं मिलने पर शनिवार को गार्डर रखने का काम शुरू नहीं हो सका।