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'Dot drains are danger': मियाद पूरी कर चुके हैं डॉट नाले...इसलिए धंस रहीं हैं शहर की सड़कें, जानें पूरी स्थिति

Sat, 22 Jul 2023 09:58 AM IST
हिमांशु अवस्थी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर

सार

Kanpur News: अमर उजाला ने निगम निगम, जलकल विभाग और जल निगम में पूर्व में तैनात रहे अभियंताओं, मौजूदा अभियंताओं सहित 20 से ज्यादा अधिकारियों से बातचीत की और पूर्व में टूटे डॉट नालों का रिकार्ड खंगाला है। इसके आधार पर यह जानकारी जुटाई कि कहां-कहां से डॉट नाले गुजरे हैं और इनकी लम्बाई सौ किमी से ज्यादा है।
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कानपुर में डॉट नाला - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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डॉट नाले जब धंसते हैं, तब जिम्मेदार विभागों को इनकी लोकेशन का पता चलता है। ये धंसते हैं, तो साथ में सड़क भी धंस जाती है। पिछले 20 दिन में तीन जगह धंस चुके हैं। अब नगर निगम और जलकल विभाग में खींचतान चल रही है कि बनवाए कौन? वैसे शहर में फैले सौ किलोमीटर लम्बे इन नालों अता-पता इन दोनों ही विभागों को नहीं है। इनके सौ किमी लम्बे होने की जानकारी भी अमर उजाला ने जुटाई है।

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अंग्रेजों ने करीब सौ साल पहले शहर के बरसाती और गंदे पानी की निकासी के लिए सड़क की सतह से चार से आठ मीटर की गहराई में ईटों से नाले बनाए थे। इन्हें डॉट नालों का नाम दिया गया था। इन सभी नालों की ढाल गंगा की तरफ है, वह भी इतनी बेहतर कि नालों में कभी पानी नहीं रुकता जबकि नगर निगम ने जो नाले बनवाए, वो सफाई के बावजूद चोक और बैक फ्लो होते रहते हैं।
मियाद हुई पूरी, हर साल चार-छह जगह धंस रहे डॉट नाले
ये डॉट नाले मियाद पूरी कर चुके हैं। हर साल चार-छह जगह इनके टूटने से सड़कें धंसती है। इस बार तो बरसात शुरू होते ही 10 दिन में तीन जगह धंस गए थे। इनमें से जवाहरनगर और पकड़िया चौराहे में भी मरम्मत तो हो गई। लेकिन छावनी में धंसे डॉट नाले को न छावनी परिषद बनाने के लिए आगे आ रहा है और न ही नगर निगम या जल निगम ने मरम्मत शुरू कराई है।

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न जलकल के पास रिकार्ड, न नगर निगम को जानकारी
पुराने शहर में पानी निकासी के मुख्य माध्यम (डॉट नालों) की जिम्मेदारी न तो नगर निगम ले रहा है और न ही जलकल या जल निगम। इन विभागों को ठीक से यह भी नहीं पता कि शहर में कहां-कहां, कितने किलोमीटर लंबाई में डॉट नाले हैं। जल निगम के परियोजना प्रबंधक ज्ञानेंद्र चौधरी ने दो साल पहले इनकी जानकारी जुटाना शुरू की थी। लेकिन जल निगम को शहरी और ग्रामीण में विभाजित होने के बाद ज्ञानेंद्र चौधरी का स्थानांतरण जल निगम (ग्रामीण) में हो गया। साथ ही यह प्रयास भी ठंडे बस्ते में चला गया।

अमर उजाला ने जुटाई जानकारी, सौ किमी से ज्यादा हैं लंबे
अमर उजाला ने निगम निगम, जलकल विभाग और जल निगम में पूर्व में तैनात रहे अभियंताओं, मौजूदा अभियंताओं सहित 20 से ज्यादा अधिकारियों से बातचीत की और पूर्व में टूटे डॉट नालों का रिकार्ड खंगाला, जिनसे आधार पर यह जानकारी जुटाई कि कहां-कहां से डॉट नाले गुजरे हैं और इनकी लम्बाई सौ किमी से ज्यादा है।

ये हैं प्रमुख डॉट नाले
विष्णुपुरी से जाजमऊ सीवेज पंपिंग स्टेशनः लंबाई - 17 किलोमीटर
  • विष्णुपुरी, कंपनीबाग चौराहा, वीआईपी रोड, भैरोघाट चौराहा, हैनीमैन तिराहा, कचहरी रोड, फूलबाग (गणेश उद्यान) में दूसरे नाले से मिलने के बाद झाड़ी बाबा पड़ाव, सर्किट हाउस रोड, डबकेश्वर होते हुए जाजमऊ सीवेज पंपिंग स्टेशन तक जाते हैं।
 लकड़मंडी से जाजमऊ सीवेज पंपिंग स्टेशनः लंबाई - 15 किलोमीटर
  •  लकड़मंडी, बेकनगंज, परेड चौराहा, फूलबाग (गणेश उद्यान), एसआईसी चौराहा, छावनी क्षेत्र, छबीलेपुरवा, जाजमऊ सीवेज पंपिंग स्टेशन। (लंबाई - करीब 15 किलोमीटर)

 विजय नगर से छावनीः लंबाई - 16 किलोमीटर
  • विजयनगर, कालपी रोड, जरीबचौकी, जीटी रोड, टाटमिल होते हुए मीरपुर, पकड़िया चौराहा, छावनी। (लंबाई - करीब 16 किलोमीटर),
 छोटे और मझोले डॉय नालेः लम्बाई दो से आठ किमी
  • संतनगर चौराहे से गुमटी नंबर-5, कौशलपुरी, 80 फीट रोड, ब्रह्मनगर चौराहा, इस चौराहे से एक डॉट नाला ईदगाह चौराहा होते हुए सीसामऊ नाले तक और दूसरा रामबाग होते हुए बकरमंडी।
  • कोपरगंज, बासमंडी, लाटूशरोड, मेस्टनरोड, बड़ा चौराहा, सिविल लाइंस में चेतना चौराहा तक।
  • बेकनगंज, यतीमखाना, परेड, पीपीएन मार्केट, बाबा घाट, म्योरमिल सीवेज पंपिंग स्टेशन।
  • मुंशीपुरवा, जीटी रोड, पकड़िया चौराहा, कैंट, मैकूपुरवा से छलीलेपुरवा में दूसरे डॉट नाले से जुड़कर जाजमऊ एसटीपी जाने वाली गहरी सीवरलाइन में मिल जाता है।
  • बासमंडी से हलीम कालेज चौराहा, नाला रोड, बकरमंडी।
  • कर्नलगंज, सीसामऊ बड़ा चौराहा, बकरमंडी।
  • जरीबचौकी के पास से पीरोड, बजरिया, बकरमंडी।
  • लक्ष्मीपुरवा से अफीमकोठी, चिरौजी लाल का हाता, राखी मंडी।

नगर निगम के पास डॉट नालों का रिकार्ड नहीं है। इनमें सीवेज बहता है, इसलिए रिकार्ड जलकल के पास होना चाहिए। मरम्मत भी उन्हें ही करानी चाहिए। उनके ऐसा न करने की वजह से नगर निगम मरम्मत कराता है।  -मनीष अवस्थी, मुख्य अभियंता, नगर निगम
 डॉट नाले बरसाती पानी के लिए बने थे। नगर निगम मरम्मत कराता है। इसलिए उनका रिकार्ड नगर निगम या जल निगम के पास होना चाहिए, जलकल विभाग के पास रिकार्ड नहीं है।  -केपी आनंद, महाप्रबंधक, जलकल विभा
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जल निगम में डॉट नालों का रिकार्ड नहीं है। इन नालों का संचालन और अनुरक्षण नगर निगम के पास है। मीरपुर पकड़िया चौराहा, छावनी तिराहे में शिवनारायण टंडन सेतु के पास डॉट नाले के टूटे मैनहोलों की मरम्मत के संबंध में नगर निगम को पत्र लिखा है।  -विशाल सिंह, अधिशासी अभियंता, जल निगम (शहरी)
 
कार्यदायी संस्था हैं। यदि हमें डॉट नालों के सर्वे, स्थिति के आकलन, मरम्मत का कार्य सौंपा जाएगा तो करेंगे।  -ज्ञानेंद्र चौधरी, परियोजना प्रबंधक, जल निगम (ग्रामीण)
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