जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज के आवासीय परिसर में जिस जानवर के पंजों के निशान को तेंदुआ का बताकर अफवाह उड़ाई जा रही थी वे पद चिह्न तेंदुए के नहीं कुत्ते के हैं। बुधवार को मेडिकल कालेज परिसर पहुंची वन विभाग की टीम ने परीक्षण के बाद यह बयान जारी किया।
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इस दौरान टीम ने प्राचार्य व अन्य डॉक्टरों को कुत्ते और तेंदुए के पंजों के बारे में बारीकी से समझाया। तब उन्हें यकीन हुआ। मंगलवार को कॉलेज के एल-ए सेक्टर में एक आवास के पीछे किसी जानवर के पंजों के निशान देख लोगों ने तेंदुआ होने की आशंका जता दी।
ऐहतियात के तौर पर प्राचार्य डॉ. संजय काला ने सभी को सतर्क रहने के निर्देश दिए। मंगलवार को वन विभाग की टीम ने परिसर में छानबीन कर बताया था कि तेंदुए की चहलकदमी यहां नहीं हुई है। फिर भी लोगों में दहशत कम नहीं हुई।
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दहशत को कम करने के लिए बुधवार को भी वन विभाग की टीम कॉलेज गई। प्राचार्य और अन्य डॉक्टरों के सामने पंजों के निशान की नाप जोख कर बताया कि यह निशान कुत्ते के पंजों के हैं न की तेंदुए के। तब जाकर उन्हें यकीन हुआ।
मेडिकल कॉलेज में जो पंजों के निशान मिले हैं वे कुत्ते के हैं न कि तेंदुए के। किसी भी जानवर के पद चिह्न दिखते ही लोग तेंदुए के पंजे होने की अफवाह उड़ा रहे हैं। इससे लोगों में दहशत फैल रही है। अफवाहों से सावधान रहें। - अरविंद सिंह, जिला वन अधिकारी