महोबा जिले में वैद्य के इलाज से एक युवक की हालत बिगड़ गई। अचेत अवस्था में युवक को जिला अस्पताल लाया गया। युवक का आरोप है कि दवा के नाम पर वैद्य ने धतूरे का पत्ता खिला दिया। जिससे उसकी हालत बिगड़ी। थाना श्रीनगर के सिजरिया गांव निवासी आशाराम राजपूत का 22 वर्षीय पुत्र शैलेंद्र राजपूत को एक पखवाड़ा पहले खेत में काम करने के दौरान हाथ में कांटा लग गया था।
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शैलेंद्र ने तब इस पर ध्यान नहीं दिया और कांटा भी बाहर नही निकला। जिससे अब उसके हाथ में दर्द बढ़ता जा रहा था। आज अत्यधिक दर्द होने के चलते परिजन शैलेंद्र राजपूत को इलाज के लिए गांव में ही वैद्य के पास ले गए। जहां वैद्य ने उसे देखकर हाथ में लगा कांटा अपने आप ऊपर आने की बात कह कर धतूरे का पत्ता गुड़ के साथ खाने के लिए दे दिया। धतूरे का पत्ता शैलेंद्र ने खाया अचानक वह अचेत होकर गिर पड़ा और उसकी हालत बिगड़ गई। परिजन उसे अचेत अवस्था में जिला अस्पताल लेकर पहुंचे। जहां इमरजेंसी वार्ड में उसका इलाज चल रहा है। परिजनों ने वैद्य पर लापरवाही करने के आरोप लगाए हैं।