कार्यों में लापरवाही के लिए हटाने की संस्तुति
उधर, सीएमओ डॉ हरिदत्त नेमी भी आज ड्यूटी पर नहीं गए। बताया गया कि उन्होंने आज के लिए छुट्टी ले रखी है। सीएमओ का कहना है कि उन्हें अनावश्यक रूप से फंसाया जा रहा है। हालांकि डीएम ने उनके खिलाफ कार्यों में लापरवाही के लिए प्रमुख सचिव से उन्हें हटाने की संस्तुति की है। इस मामले को लेकर कुछ और जनप्रतिनिधि पत्र लिखकर धमाका करने की कोशिश में थे, लेकिन उनके संगठन ने उन्हें ऐसा करने से साफ मना कर दिया।
भाजपा संगठन ने मामले में साध रखी है चुप्पी
इधर, दूसरे दिन भी सोशल मीडिया से लेकर सरकारी विभागों के कार्यालयों में सिर्फ इसी मामले की चर्चा रही। जिन जनप्रतिनिधियों ने दोनों अधिकारियों का पक्ष लेते हुए पत्र लिखा था, वे दूसरे दिन ऊपर से तो शांत दिखे, लेकिन उनके पत्र के मुताबिक शासन का फैसला आए, इसके लिए कोशिश भी करते रहे। इससे अलग भाजपा संगठन ने पूरे मामले में चुप्पी साध रखी है। संगठन के लोगों का कहना है कि इसमें उनका पड़ना ठीक नहीं है। शहर के कुछ और प्रमुख लोग बिना आगे आए इस मसले में कमर कसे हुए हैं।
कांग्रेसियों ने ज्ञापन देकर कहा- आरोपों की हो जांच
कांग्रेस ग्रामीण इकाई के पदाधिकारियों ने मंगलवार को डीएम और सीएमओ के बीच जारी रस्साकसी की जांच की मांग संबंधी ज्ञापन मंडलायुक्त को सौंपा। इस दौरान जिलाध्यक्ष संदीप शुक्ला ने कहा कि अधिकारियों के बीच झगड़े से चिकित्सा विभाग में बड़े पैमाने पर घोटाले का संकेत मिल रहा है। इसकी जांच कराई जानी चाहिए। ज्ञापन देने वालों में पूर्व बार एसोसिएशन नरेश त्रिपाठी, सतीश दीक्षित, इखलाक अहमद डेविड आदि मौजूद रहे।
शासन में पहुंचा विवाद, हटाए जा सकते हैं सीएमओ
कानपुर के डीएम जेपी सिंह और सीएमओ डॉ. हरिदत्त नेमी के बीच विवाद शासन स्तर तक पहुंच गया है। मामले में शीघ्र समाधान ढूंढने के निर्देश दिए गए हैं। माना जा रहा है कि शीघ्र ही सीएमओ डॉ. हरिदत्त नेमी हटाए जा सकते हैं। उच्चपदस्थ सूत्रों के मुताबिक, जिस ऑडियो पर डीएम को आपत्ति है, उसकी जांच भी कराए जाने पर विचार चल रहा है। अगर यह सीएमओ की आवाज निकली तो नियमानुसार कार्रवाई भी होगी।