करीब 13 साल पहले स्कूल में कक्षा छह की छात्रा के साथ हुए कुकर्म और उसकी हत्या के दोषी स्कूल प्रबंधक के पुत्र पीयूष वर्मा को सुप्रीम कोर्ट से फौरी राहत मिल गई है। न्यायमूर्ति सूर्यकांत व न्यायमूर्ति केवी विश्वनाथन की खंडपीठ ने पीयूष को सशर्त जमानत दे दी है। उम्रकैद की सजा के खिलाफ दायर अपील पर सुनवाई के लिए 11 सितंबर की तारीख नियत की है।
रावतपुर स्थित स्कूल में 27 सितंबर 2010 को कक्षा छह की छात्रा के साथ कुकर्म और हत्या की बात सामने आई थी। मामले की जांच सीबीसीआईडी ने की थी। जांच में स्कूल प्रबंधक के पुत्र पीयूष को मुख्य आरोपी बनाया गया था। इसके अलावा स्कूल प्रबंधक चंद्रपाल, उनके बड़े पुत्र मुकेश और लिपिक संतोष के खिलाफ भी चार्जशीट कोर्ट में पेश की गई थी। सेशन कोर्ट ने पांच दिसंबर 2018 को पीयूष को उम्रकैद की सजा सुनाई थी। वहीं, गैर इरादतन हत्या और जानबूझकर अपराध की सूचना न देने का दोषी मानते हुए मुकेश और संतोष को एक-एक साल के कारावास से दंडित किया था। स्कूल प्रबंधक चंद्रपाल को दोषमुक्त कर दिया गया था। सजा के खिलाफ अपील पर हाईकोर्ट ने मुकेश व संतोष की सजा माफ कर दी थी, जबकि पीयूष की सजा बरकरार रखी थी।