देश-दुनिया में खुशबू के अपने कारोबार के लिए मशहूर इत्रनगरी कन्नौज में सियासी तापमान हाई है। सियासतदानों के बीच जुबानी जंग जारी है। अपनी-अपनी जीत के लिए हर पैंतरे और हथकंडे आजमाए जा रहे हैं। अब यहां के इत्र कारोबार को लेकर भी सियासी बहस तेज हो गई है। सपा जहां इस कारोबार पर ध्यान न देने का आरोप लगाकर सरकार को घेर रही है, वहीं सत्ता पक्ष इस दिशा में किए गए काम को गिना रहा है। इन सबके बीच यहां के आम कारोबारी सिर्फ बयानों को तौल रहे हैं।
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सपा के मुखिया अखिलेश यादव कन्नौज की खुशबू को लेकर लगातार सवाल कर रहे हैं। यहां चुनाव लड़ने के ऐलान के बाद से ही वह समय-समय पर यहां इस कारोबार की अनदेखी का हवाला देकर भाजपा को घेर रहे हैं। सपा शासनकाल में इस कारोबार की तरक्की के लिए उठाए गए कदम की याद दिला रहे हैं। दूसरी तरफ भाजपा भी जवाबी हमला से नहीं चूक रही है। सपा शासन में एक जिला एक उत्पाद योजना में इत्र कारोबार को शामिल करने और नए लोगों को इस कारोबार से जोड़ने का हवाला देकर आरोपों को नकारा जा रहा है। सियासतदानों के बीच चल रही जुबानी जंग के दौरान यहां इस कारोबार से जुड़े लोग अपने काम के साथ ही नेताओं के बयान पर भी निगाह लगाए हैं। सुविधा और संसाधन के अभाव के बीच खुद की ही कोशिश से कारोबार की गाड़ी को रफ्तार देने में लगे कारोबारी सियासतदानों के दावों और वादों को बखूबी परख भी रहे हैं।
इटावा की सभा में प्रधानमंत्री भी कर चुके खुशबू का जिक्र
पांच मई को इटावा के भरथना में हुई जनसभा के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कन्नौज संसदीय सीट के मतदाताओं का ध्यान खींचते हुए यहां के इत्र की खुशबू का भी जिक्र किया था। उन्होंने बताया कि देश में जब भी कोई विदेशी मेहमान आता है या वह जब विदेश जाते हैं तो वहां के नेताओं को तोहफे में कन्नौज की ही खुशूब देते हैं। प्राकृतिक रूप से बना यहां का इत्र वहां के लोग काफी पसंद करते हैं। जी 20 सम्मेलन में भी दुनिया भर से आए लोगों को कन्नौज में बना इत्र तोहफे में दिया था।
खुशबू का हवाला देकर अखिलेश कर रहे कन्नौज क्रांति का दावा
कन्नौज से ताल ठोक रहे सपा मुखिया अखिलेश यादव ने अपने नामांकन से ठीक पहले कन्नौज की खुशबू का हवाला देकर कहा था कि जिस तरह कन्नौज की खुशबू लोगों को आपस में जोड़ती है, उसी तरह इस बार भी यहां कन्नौज क्रांति होगी। नफरत करने वालों पर यहां की खुशबू भारी पड़ेगी। नामांकन के बाद अपने हर दौरे में वह यहां के इत्र कारोबार की अनदेखी पर सरकार को घेर रहे हैं। अपने शासन के दौरान फ्रांस के ग्रासे शहर का भ्रमण कर वहां की ही तर्ज पर यहां पार्क बनाने का खाका बनाने के लिए उठाए गए कदम की याद दिलाकर यह कहने से नहीं चूक रहे हैं कि भाजपा की सरकार ने इस कारोबार को बर्बाद कर दिया।
एक्सप्रेस-वे किनारे बना इत्र पार्क, अब तक शुरू नहीं
सपा सरकार के दौरान एक्सप्रेसवे किनारे ठठिया में जिस जगह पर परफ्यूम पार्क प्रस्तावित था, वहां अब इत्र पार्क बनायागया है। हालांकि अब तक इसे शुरू नहीं किया गया है। सुविधा व संसाधन की कमी का हवाला देकर इत्र कारोबारी यहां निवेश करने में दिलचस्पी कम दिखा रहे हैं। हालांकि प्रशासन की मशक्कत के बाद कुछ कारोबारी तैयार हुए हैं, उनके नाम प्लाॅट आवंटन का काम चल रहा है, लेकिन काम कब शुरू होगा, अभी इसकी तस्वीर धुंधली है। महंगी जमीन, गैस पाइप लाइन की सुविधा न होने से कारेाबारी बिदक रहे हैं। बाउंड्री बनने के बाद आगे का निर्माण शुरू नहीं हो सका है। 12 अप्रैल 2016 में इसकी आधारशीला रखी गई थी। लगातार काम लटकता रहा। तीन महीने पहले तीन फरवरी को यहां पहुंचे मुख्यमंत्री के हाथों इसका लोकार्पण कराया गया। उसके बाद भी आगे का काम नहीं बढ़ सका है। हालांकि इसे दो हिस्सों में बांटा गया है। मुख्यमंत्री ने एक ही हिस्से का लोकार्पण किया है। दूसरे हिस्से का काम शुरू नहीं हो सका है। कॉमन फैसिलिटी सेंटर बनने की मंजूरी भी बाकी है।
फ्रांस के ग्रासे को टक्कर देने के लिए हुई थी पहल
कन्नौज में इत्र बनाने का काम दुनिया में सबसे पुराना माना जाता है। फूलों से इत्र तैयार करने का तरीका प्राकृतिक है। जबकि परफ्यूमरी उद्योग के लिए दुनिया भर में मशहूर फ्रांस के ग्रासे शहर में परफ्यूम बनाया जाता है। इत्र कारोबार को बढ़ावा देने के लिए तत्कालीन मुख्यमंत्री अखिलेश यादव तब खुद यहां के तत्कालीन डीएम और इत्र कारोबारी प्रतिनिधिमंडल के साथ वहां गए थे। वहां से आने के बाद ही यहां परफ्यूम पार्क बनाने की कल्पना को अमल लाने का काम शुरू हुआ था।
इस तरह है इत्र पार्क का भुगोल
- 12 अप्रैल 2016 में परफ्यूम पार्क की आधारशीला रखी गई
- 2018 के मार्च तक बनकर पूरा करने का था लक्ष्य
- 100 एकड़ क्षेत्रफल था पहले, 257 करोड़ का बजट था मंजूर
- 50 एकड़ क्षेत्रफल हो गई बाद में जमीन, 100 करोड़ बजट हुआ मंजूर
- 31 एकड़ कुल क्षेत्रफल अधिग्रहित किया गया है।
- 28 एकड़ क्षेत्रफल में बनाया गया है पहला फेस, बाउंड्रीवॉल तैयार
- 23 एकड़ क्षेत्रफल में इंडस्ट्रियल बनाने की तैयारी है।
- 02 सीएफसी बनाने का खाका तैयार है, मंजूरी मिलनी बाकी है।
‘इत्र के मित्र’ बनने को सपा-भाजपा में चल रहा वार-पलटवार
अपने नामांकन के अगले दिन ही अखिलेश यादव ने इत्र पार्क से जुड़ा एक पोस्ट किया। कन्नौज के ‘इत्र के मित्र’ के रूप में समाजवादी पार्टी ने अपने शासनकाल में फ्रांस के विश्व प्रसिद्ध परफ्यूम की राजधानी माने जानेवाले शहर ग्रासे के साथ मिलकर कन्नौज-ग्रासे समझौता किया था। एक इंटरनेशनल परफ्यूम म्यूजियम के साथ ही कन्नौज इंजीनियरिंग कॉलेज में परफ्यूमरी के एक कोर्स की भी योजना शामिल रही। भाजपा ने अपने शासनकाल में सपा के समय हुए कामों को प्रतिशोध की भावना से रोक दिया। इसके जवाब में भाजपा सांसद सुब्रत पाठक ने लिखा कि अखिलेश यादव अपनी पत्नी सहित अपने इत्र वाले मित्रों को लेकर पर्यटन के लिए फ्रांस गए थे। यदि कन्नौज ग्रासे समझौता के लिए गए होते तो सुगंध को लेकर काम कर रही प्रदेश की संस्थाओं में सीमैप और कन्नौज की एफएफडीसी के किसी विशेषज्ञ वैज्ञानिक को भी ले गए होते। पहले पिता और बाद में खुद मुख्यमंत्री रहते हुए कन्नौज के इत्र के लिए काम सिर्फ ट्विटर पर किया है। हम लोग एफएफडीसी में कर रहे हैं जहां केंद्र सरकार की ओर से भव्य ट्रेनिंग सेंटर अपने कार्यकाल में बनवाया है।