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प्रेमिका से दूरी की वजह बना दोहरा हत्याकांड

Thu, 30 Nov 2017 11:10 AM IST
टीम डिजिटल, अमर उजाला, कानपुर
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मृतक बब्बन के पर‌िजन
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कानपुर में फीलखाना के माहेश्वरी मोहाल में हिस्ट्रीशीटर छोटे बब्बन अाैर उसके साथी ऋषभ की हत्या की वजह एक त्रिकोणीय प्रेम प्रसंग बना। छोटे बब्बन अाैर हत्यारोपी शिव पर्वत दाेनाें का एक ही युवती से प्रेम प्रसंग था। यही प्रेम प्रसंग छोटे बब्बन अाैर ऋषभ की हत्या  की वजह बना। 
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  फीलखाना के माहेश्वरी मोहाल में हिस्ट्रीशीटर छोटे बब्बन और उसके साथी ऋषभ की हत्या में आशनाई की रंजिश सामने आई है। लोगों के मुताबिक हत्यारोपी शिव पर्वत और छोटे बब्बन का इलाकाई निवासी एक युवती से प्रेम प्रसंग था।


युवती का परिवार आर्थिक रूप से काफी कमजोर है। बेटी की शादी के लिए उन लोगों छोटे बब्बन से मदद मांगी। बब्बन ने बेटी की शादी करने के लिए पैसा दे दिया था। इसके बाद से ही युवती शिव पर्वत से थोड़ा दूर हो गई।  शिव पर्वत इसी वजह से बब्बन से रंजिश मानने लगा था।
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गुरुवार को प्रेमिका की बेटी की शादी थी ज‌िसमे छोटे बब्बन का जरूरत से ज्यादा दखल देख शिव पर्वत बौखला गया। शराब के नशे में ‍‍धुत ‌शिव पर्वत ने छोटे बब्बन के साथ उसके साथी ऋषभ को भी बेरहमी से मार डाला।


बब्बन की बेटी मीनाक्षी के मुताबिक शिव पर्वत उनके परिवार से रंजिश मानता था। मीनाक्षी के मुताबिक करीब पंद्रह दिन पहले शिव पर्वत ने फोन कर उसके पापा को जान से मारने की धमकी दी थी। इसकी उनके पास रिकार्डिंग है।


बब्बन के साथ मारा गया ऋषभ घर का एकलौता बेटा था। ऋषभ पिछले तीन साल से छोटे बब्बन के साथ रहता था। उसके परिवार में पिता राकेश, मां अर्चना और बहन रेनू है।


बब्बन की मौत का पता चलने से घर पर कोहराम मच गया। उसके परिवार में पत्नी बीना, दो बेटी आकांक्षा, मीनाक्षी और बेटा शोभित उर्फ अमन है। पत्नी बीना रोते हुए बोल रही थी कि मेरी सयानी बेटियां हैं। अब इनकी शादी कैसे होगी।


पुलिस के मुताबिक छोटे बब्बन पर कई मुकदमे दर्ज थे। सभी मुकदमे करीब एक दशक पुराने थे। वह फीलखाना थाने से हिस्ट्रीशीटर था। उसका इलाके में काफी दबदबा था। अब वह आपराधिक प्रवृत्ति के लोगों से किनारा कर बिल्डर बन गया था।


पुलिस को उसके पास से उन्नाव जिले का एक मीडिया कार्ड भी मिला है। सूत्रों के मुताबिक छोटे बब्बन पर उसके नाम से मिलते हुए इलाकाई सफेदपोश का हाथ था। उसके जरिए ही छोटे बब्बन अपराध से किनारा कर सफेदपोश हो गया था।


यह भी बताया जा रहा है कि छोटे बब्बन भाजपा से जुड़ गया था। उसने पार्टी की सदस्यता भी ले ली थी। वह निकाय चुनाव में पार्टी के प्रत्याशी का प्रचार भी कर रहा था, लेकिन पार्टी के पदाधिकारियों ने इससे इंकार किया है। 
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