हाईकोर्ट ने परेड के मुर्गा मार्केट से दुकानदारों की बेदखली पर रोक लगा दी है। दुकानदारों को हटाने के लिए कानूनी प्रक्रिया नहीं अपनाई गई थी इसे देखते हुए कोर्ट ने स्थगन आदेश दिया है। उधर, केडीए ने स्टे होने से इनकार किया है।
सुनील कुमार साहू और अन्य दुकानदारों की याचिका पर सुनवाई कर रही न्यायमूर्ति तरुण अग्रवाल और न्यायमूर्ति वीके मिश्र की खंडपीठ ने यह आदेश दिया।
दुकानदारों का कहना है कि मुर्गा मार्केट की दुकानों पर वह 1916 से काबिज हैं। केडीए उनसे जबरदस्ती दुकानें खाली करा रहा है। मार्केट की जमीन वक्फ बोर्ड की है। केडीए या नगर निगम का इस पर कोई अधिकार नहीं है। राजस्व रिकार्ड में वक्फ की जमीन को नजूल भूमि दिखाया जा रहा है। सौ वर्षों से अधिक समय से काबिज दुकानदारों को बिना किसी कानूनी प्रक्रिया के हटाया जा रहा है।