कानपुर देहात। एआरटीओ कार्यालय में लर्निंग लाइसेंस बनवाने के लिए हाथ से दिव्यांग युवक अकबरपुर सीएचसी और जिला अस्पताल के डॉक्टर के बीच घन चक्कर बना हुआ है। मजबूरी में वह दलालों के संपर्क में है।
अकबरपुर के स्वरूपपुर निवासी सुमित कुमार ने परिवहन विभाग की वेबसाइट में लर्निंग लाइसेंस के लिए आवेदन किया था। बुधवार को उसको स्लॉट मिला हुुआ था। इस पर वह एआरटीओ कार्यालय पहुंचा तो उसकी उंगली देखकर कार्यालय से चिकित्सीय परीक्षण के लिए अकबरपुर सीएचसी भेज दिया गया। वहां डॉ. शिवम तिवारी ने उंगली कटी होने के चलते जिला अस्पताल हड्डी रोग विशेषज्ञ डाॅक्टर के पास भेज दिया। सुमित ने बताया कि हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉ. ओमदेव ने अपनी रिपोर्ट लगाने से मना कर दिया। इसके बाद वह दोबारा अकबरपुर सीएचसी पहुंचा तो डॉ. शिवम ने हड्डी रोग विशेषज्ञ की रिपोर्ट लगने के बाद ही लाइसेंस बनने की बात कही तो एआरटीओ कार्यालय चला गया। वहां अब वह दलालों के संपर्क में है। डॉ. शिवम तिवारी ने बताया कि आवेदन की एक उंगली आधी कटी हुई थी। वह गाड़ी चलाने लायक है या नहीं, इस बारे में हड्डी रोग विशेषज्ञ की रिपोर्ट के लिए जिला अस्पताल भेजा था। वहां से डॉक्टर ने रिपोर्ट नहीं लगाई। डॉ. ओमदेव ने बताया कि मामला उनकी जानकारी में नहीं है।