एसएनके पान मसाला कंपनी के मालिक और निदेशक
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एसएनके पान मसाला ग्रुप के निदेशक अविनाश मोदी 17 साल पुराने मुकदमे में वॉन्टेड है। ईओडब्लयू (आर्थिक अपराध शाखा) कानपुर यूनिट ने इस केस की जांच की थी। ईओडब्ल्यू उसको तलाश नहीं सकी थी। अब जब अविनाश मोदी को सेंट्रल जीएसटी ने गिरफ्तार किया तब ईओडब्ल्यू के अफसरों ने अपनी कार्रवाई शुरू की है। जल्द इस केस में ईओडब्ल्यू कोर्ट से आरोपी के खिलाफ बी वारंट जारी कर अपने केस में तलब कराएगी।
फर्रूखाबाद की एक फैक्टरी में थी सप्लाई
ईओडब्ल्यू एसपी बाबूराम के मुताबिक अविनाश मोदी अपनी फर्म के जरिये रॉक फास्फेट की सप्लाई करता था। सन् 2004 में फर्रुखाबाद कोतवाली में अविनाश मोदी, शरद, भूपेंद्र जैन और सतेंद्र जैन समेत पांच पर एक एफआईआर दर्ज हुई थी। जिसमें आरोप था कि जब रॉक फास्फेट की सप्लाई करने में रोक लगी थी तब आरोपियों ने फर्रुखाबाद स्थित मदन मोहन मालवीय फर्टिलाइजर फैक्टरी को झांसी से सप्लाई की।
ईओडब्ल्यू को ट्रांसफर हुई थी जांच
संबंधित विभाग ने जब जांच की तो इसका खुलासा और साक्ष्य मिले। कुछ समय बाद ये जांच ईओडब्ल्यू को ट्रांसफर हुई थी। ईओडब्ल्यू ने तफ्तीश आगे बढ़ाई तो पता चला कि अविनाश मोदी का पता झांसी का है। वहां पर वह नहीं मिला। एक मकान था, जिसमें कोई सामान भी नहीं था। लिखापढ़ी में कुर्क हुई। आरोपी के खिलाफ वारंट जारी हुआ लेकिन उसके बारे में जानकारी नहीं जुटा सके। आखिर में ईओडब्ल्यू ने मामले में चार्जशीट दाखिल कर दी थी।