शिखर पान मसाला और गणपति रोड कैरियर्स पर महानिदेशालय जीएसटी इंटेलिजेंस (डीजीजीआई) अहमदाबाद की टीम ने शिकंजा और कस दिया है। डीजीआईआई के अफसरों ने स्टेट जीएसटी के अफसरों से दोनों कंपनियों व फर्मों का ब्यौरा जुटाया है।
पता चला है कि प्रवीण जैन का टैक्स चोरी में पुराना इतिहास रहा है। फतेहपुर में विभाग के अफसरों पर हमला करके ट्रक छुड़ाने का भी आरोप था। जांच टीम के अफसरों ने गणपति रोड कैरियर्स के पुराने मामलों की रिपोर्ट ली है। 50 ट्रकों के नंबरों भी मिले हैं, जिनके बारे में जानकारी जुटाई जा रही है।
शिखर पान मसाला के मालिक प्रदीप अग्रवाल, इत्र कारोबारी कारोबारी पीयूष जैन और गणपति रोड कैरियर्स के मालिक प्रवीण जैन के यहां 22 दिसंबर को डीजीजीआई अहमदाबाद ने छापा मारा था। पीयूष जैन के यहां अकूत धन मिला था।
इस बीच रविवार को डीजीजीआई की टीमों ने फिर से शिखर पान मसाला के ट्रांसपोर्टर नगर स्थित कार्यालय और गोदाम में छापा मारा। प्रदीप के दो करीबी लोगों से पूछताछ की गई थी। सूत्रों ने बताया कि दोनों से पूछताछ के बाद कारोबार का पूरा ब्योरा तैयार किया जा रहा है।
एसजीएसटी कार्यालय आकर चार अफसरों ने इनके बारे में और जानकारी जुटाई। पान मसाले की फैक्ट्री, उत्पादन और टैक्स का डाटा लिया। दरअसल, गणपति रोड कैरियर्स के ही ट्रकों के जरिये डीजीजीआई पीयूष जैन तक पहुंची थी। सूत्रों के अनुसार डीजीजीआई के अफसरों ने प्रवीण का पूरा इतिहास खंगाला है।
बताया गया कि अब तक 18 ट्रक सीज करके तीन करोड़ से ज्यादा का माल पकड़ा गया और 64 लाख से ज्यादा की पेनाल्टी वसूली गई। इस दौरान फतेहपुर में हुए हमले संबंधी जानकारी भी ली। एडिश्नल कमिश्नर ग्रेड वन पीके सिंह ने बताया कि डीजीजीआई के अफसर विभाग आए थे। उन्होंने शिखर पान मसाले और गणपति रोड कैरियर्स से जुड़े सभी रिकॉर्ड लिए।