दस दिन स्थापना के बाद गणपति को विदा करने के लिए रविवार को घाटों पर आस्था का सैलाब उमड़ा। ‘गणपति बप्पा मोरया, अगले बरस तू जल्दी आ...’, गीतों पर झूमते भक्तों ने अबीर-गुलाल उड़ाते हुए गणपति की विसर्जन यात्रा निकाली। कई जगहों पर राहगीर अबीर-गुलाल फेंके जाने से असहज भी दिखे। कुछ चौराहों और सड़कों पर जाम भी लगा। इसे पुलिस ने खुलवाया।
सुबह से ही सार्वजनिक गणेश पंडालों में विसर्जन यात्रा निकलने लगी। शास्त्री नगर, काकादेव, पांडु नगर, कौशलपुरी, अशोक नगर, आर्य नगर, बेनाझाबर, जाजमऊ, श्याम नगर, रेलबाजार, बिरहाना रोड समेत तमाम क्षेत्रों में दोपहर तक सड़कों पर आस्था का सैलाब दिखने लगा। वाहनों पर सवार गणपति की प्रतिमाओं के पीछे डीजे, ढोल-नगाड़े की धुन पर नाचते-गाते गणेशजी के भक्त अबीर-गुलाल उड़ाते चल रहे थे।
सिद्धनाथ घाट पर दिनभर पुलिस बल मौजूद रहा। यहां पीएसी रोड, श्यामनगर, रामपुरम, सहदुल्लापुर, शिवकटरा, लालबंगला, सनिगवां, कृष्णानगर, गांधीग्राम, आजाद नगर, गिरिजा नगर, गदियाना आदि से गणेश प्रतिमाएं विसर्जन को पहुंचीं। घाट पर उन्नाव के गोताखोर शमीम और कलीम मौजूद रहे।
कृत्रिम तालाब में विसर्जन के लिए सिविल डिफेंस से जेपी शर्मा, अजीजुर रहमान उर्फ बाबू, इस्ताख अख्तर ने भी सहयोग किया। पुलिस की सख्ती से गंगा नदी में विसर्जन करने को कोई हिम्मत नहीं जुटा सका। रविवार सुबह से शाम साढ़े चार बजे तक 130 गणेश प्रतिमाएं कृत्रिम तालाब में विसर्जित की गईं।
सीसामऊ और ईदगाह के रास्ते पर भी गाजेबाजे की धूम रही। परमट स्थित काली घाट पर बने कृत्रिम तालाब की ओर जाने के लिए स्टॉक एक्सचेंज चौराहा से मोड़ दिया गया। घाट पर प्रशासनिक अधिकारी, पुलिस, एसपीओ, गोताखोर, नगर निगम कर्मचारी और आरआरएफ तैनात थे।
छावनी स्थित गोला घाट पर बने कृत्रिम तालाब पर बड़ी भीड़ रही। जयपुरिया क्रासिंग बंद होने से पनचक्की चौराहे तक गणेशजी की प्रतिमा लेकर चल रहे वाहनों की लाइन लग गई। घाट की तरफ जाने वाले तिराहे पर छावनी पुलिस और ट्रैफिक के सिपाही तैनात थे। दोपहर करीब 2:45 बजे छावनी परिषद कार्यालय वाली रोड पर एक के पीछे एक गाड़ियां खड़ी हो गईं। सिपाहियों ने गाड़ियों को लाइन से घाट पर भेजा।
इसी तरह मैस्कर घाट पर बने कृत्रिम तालाब में गणेश प्रतिमाओं का विसर्जन किया गया। यहां भक्तों के लिए भंडारा चल रहा था। घाट पर पहुंचे भक्तों ने विसर्जन से पहले गणपति के साथ फोटो खिंचाई तो कई ने सेल्फी ली। शाम को घाटों पर भीड़ काफी रही। देर रात गणेश प्रतिमाओं का विसर्जन हुआ।