कानपुर। छत्रपति शाहूजी महाराज विवि और उनसे संबद्ध महाविद्यालयों में दाखिलों की स्थिति काफी दयनीय है। प्रोफेशनल कोर्सों की ओर बढ़ रहे छात्रों के रुझान के कारण इस बार भी डिग्री कॉलेजाें में 50 फीसदी से अधिक सीटें खाली रह गई हैं। कॉलेजों में दाखिले की अंतिम तिथि खत्म हो गई है। बीए संकाय का हाल बुरा है। प्रबंधक एसोसिएशन के सदस्यों ने कुछ दिन पहले ही विवि से दाखिले की तारीख बढ़ाने की मांग की थी।
विवि में अप्रैल से दाखिलों की प्रक्रिया चल रही है। इसकी रफ्तार काफी सुस्त है। अनुदानित महाविद्यालयों में किसी प्रकार से सीटों को भरा जा रहा है लेकिन निजी संस्थानों में हालत काफी खराब है। निजी कॉलेजों में 30 से 35 फीसदी सीटें भरना चुनौती भरा रहा है। प्रबंधक एसोसिएशन के सदस्यों का कहना है कि अभी भी कई निजी महाविद्यालयों में 50 फीसदी से अधिक सीटें खाली है, जबकि आसपास के इलाकों के इंटर कॉलेजों में छात्रों को फोन कर दाखिले का आमंत्रण दिया जा रहा है। कॉलेज छात्र संख्या बढ़ाने का पुरजोर प्रयास कर रहे हैं, लेकिन अभी तक स्थिति जस की तस है। उत्तर प्रदेश स्ववित्तपोषित महाविद्यालय एसोसिएशन के अध्यक्ष विनय त्रिवेदी ने कहा कि विवि से दाखिले की तिथि को बढ़ाने की मांग की है। अधिक समय के लिए तिथि बढ़े तो निश्चित ही दाखिले की रफ्तार बढ़ेगी।