कानपुर। पूर्व एमएलसी सरदार कुलदीप सिंह ने बिल्डर, उसके पिता और बहन के खिलाफ झूठे मुकदमे दर्ज कराकर बयानबाजी करने के मामले में मानहानि का वाद दाखिल किया था। एमपीएमएलए लोअर कोर्ट के विशेष न्यायाधीश आनंदेश सिंह ने कई तारीखों पर बहस सुनने के बाद परिवाद दर्ज करने के आदेश कर दिए हैं। सात मई को पूर्व एमएलसी कोर्ट में बयान दर्ज कराएंगे।
कुलदीप सिंह ने परिवाद में कहा था कि उन्होंने वर्ष 2004 में पांडु नगर में एक प्लाट खरीदने के बाद निर्माण के लिए बिल्डर जयेश सोनकर से एग्रीमेंट किया था। नक्शे के विपरीत भवन निर्माण के कारण केडीए ने बिल्डिंग सील कर दी जो अब तक सील है। जयेश ने कूटरचित दस्तावेजों के माध्यम से सील बिल्डिंग पर अपने रिश्तेदार के नाम बैंक से लोन पास कराकर रकम हड़प ली। जानकारी पर कुलदीप ने जयेश के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई तो जयेश ने उन पर दबाव बनाने और समाज में उनकी छवि खराब करने के लिए जगह-जगह झूठे प्रार्थना पत्र दिए।
जयेश के पिता अजय सोनकर ने कचहरी में उन्हें धमकाया। जयेश की बहन अनुया सोनकर ने छेड़छाड़ की झूठी रिपोर्ट दर्ज करा दी जिसमें जांच के बाद एफआर लगी और कोर्ट ने उसे स्वीकार भी कर लिया। इन सब आधारों पर कुलदीप ने अधिवक्ता के माध्यम से कोर्ट में मानहानि का वाद दाखिल किया था जिसे दर्ज कर लिया गया है।